भोपाल के सफर में नया अध्याय: एम्स से सुभाष नगर तक दौड़ी मेट्रो, पहले दिन यात्रियों ने कोच में किया डांस

भोपाल के सफर में नया अध्याय: एम्स से सुभाष नगर तक दौड़ी मेट्रो, पहले दिन यात्रियों ने कोच में किया डांस
भोपाल, यशभारत। नवाबी शहर भोपाल रविवार को आधिकारिक रूप से ‘मेट्रो सिटी’ की फेहरिस्त में शामिल हो गया। सुबह ठीक 9 बजे जब एम्स स्टेशन से मेट्रो की पहली कमर्शियल राइड शुरू हुई, तो प्लेटफॉर्म पर मौजूद 100 से अधिक यात्रियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इसका स्वागत किया। मेट्रो चलाने वाला भोपाल देश का 26वां शहर बन गया है। उत्साह का आलम यह था कि कोच के अंदर युवाओं की टोली ने डांस कर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
7 साल के बच्चे से 75 साल के बुजुर्ग तक रहे गवाह
कमर्शियल रन के पहले दिन यात्रियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई लोग सुबह 7 बजे से ही स्टेशन पहुंच गए थे। सफर में 8 साल के मासूम वरुण कपिल से लेकर 75 साल के बुजुर्गों तक ने हिस्सा लिया। यात्री सफर के दौरान वीडियो कॉल के जरिए अपने परिजनों को भोपाल का नया नजारा दिखाते नजर आए। 30 मिनट के सफर के बाद ट्रेन सुभाष नगर स्टेशन पहुंची।
किराया: 20 रुपये से शुरुआत
मेट्रो प्रशासन ने किराए को तीन जोन में बांटा है। फिलहाल टिकट काउंटरों से मैन्युअल मिलेंगे:
02 स्टेशन तक: 20 रुपये
03 से 05 स्टेशन: 30 रुपये
06 से 08 स्टेशन: 40 रुपये (उदाहरण: डीबी मॉल से रानी कमलापति जाने पर 20 रुपये, जबकि एम्स से सुभाष नगर तक 40 रुपये लगेंगे।)
हर 75 मिनट में मिलेगी ट्रेन, दिनभर में 17 ट्रिप
शुरुआती चरण में मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। सुरक्षा और परिचालन को देखते हुए फिलहाल इसकी फ्रीक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है। कुल 8 स्टेशनों पर यात्री चढ़-उतर सकेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक समय में एक स्टेशन पर अधिकतम 500 यात्रियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
सीधे अस्पताल और रेलवे स्टेशन में एंट्री
मेट्रो को शहर की अन्य लाइफलाइन से जोड़ा गया है। एम्स स्टेशन से फुटओवर ब्रिज सीधे एम्स अस्पताल परिसर में उतरता है। वहीं, रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को फुटओवर ब्रिज के जरिए सीधे रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया है, जिससे रेल यात्रियों को भटकना नहीं पड़ेगा।
पार्किंग की सुविधा न होने से लोग परेशान
सफर सुहाना जरूर रहा, लेकिन यात्रियों को पार्किंग की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। फिलहाल किसी भी स्टेशन पर पार्किंग की आधिकारिक व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को अपनी गाड़ियां सड़क किनारे या निजी पार्किंग में रिस्क पर खड़ी करनी पड़ रही हैं। हालांकि, मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य ने जल्द ही टू-व्हीलर पार्किंग शुरू करने का आश्वासन दिया है।







