गुरुनानक देव का विश्व बंधुत्व का पावन संदेश लेकर निकला भव्य नगर कीर्तन
श्रद्धालुओं ने झाड़ू से बुहार कर पुष्पों से पाट दिया समूचा पथ

गुरुनानक देव का विश्व बंधुत्व का पावन संदेश लेकर निकला भव्य नगर कीर्तन
श्रद्धालुओं ने झाड़ू से बुहार कर पुष्पों से पाट दिया समूचा पथ
संस्कारधानी में दिखे सर्वत्र सर्वधर्म सौहार्द के संस्कारित नजारे
जबलपुर यशभारत। नगर के ख्यात बैंड दल जोशीले अंदाज में गुरुनानक देव की इलाही गुरुवाणी नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार,जो श्रद्धा कर सिमदे गुरु पार उतारनहार* जैसी मनमोहक धुन गुंजा रहे थे तो दूसरी तरफ श्रद्धालुओं के कीर्तन जत्थों में शामिल आबाल वृद्ध नर नारी, सतगुरू नानक परगटिया, मिटी धुंध जग चानन होआ जैसी यश अर्चन से भरपूर गुरुवाणी का आत्म मुग्ध गायन करते हुए दृष्टव्य थे।

यह अनूठा अवसर था नगर कीर्तन का ।
अपनी पद यात्राओं से इंसानी भाईचारा, विश्व बंधुत्व, समरसता, और विश्व शांति का इलाही पैगाम देकर समग्र विश्व में भारतीय अध्यात्म की अलख जगाने वाले जगतगुरू नानक देव जी के 556 वें प्रकाशोत्सव गुरुपर्व के अवसर पर रविवार को नगर के सिख समाज द्वारा सामूहिक तौर पर सिविक सेंटर स्थित माता गुजरी महाविद्यालय मैदान से बहुरंगी, भव्य और प्रेरक नगर कीर्तन निकाला गया। नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करता हुआ यह नगर कीर्तन गुरुनानकस्थली गुरुद्वारा मढ़ाताल में संपन्न हुआ तब उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुक्ताकाश से पुष्प वर्षा कर जोरदार अभिनन्दन किया और कीर्तन दरबार के साथ ही गुरु का लंगर लगाकर कार सेवा भी की।

मुख्य आकर्षण का केंद्र, स्वर्णिम आभा से युक्त पुष्प सज्जित आकर्षक स्वर्णरथ रहा जहां कलात्मक काष्ठ पालकी में स्थापित शब्दावतार साहिब श्री गुरुग्रंथसाहिब जी का पवित्र प्रकाश किया गया था । इनके समक्ष श्रद्धालुगण मिष्ठान और बताशे के थाल के साथ पुष्पांजलि अर्पित कर माथा टेक कर आशीर्वाद ग्रहण कर रहे थे। पंथ के पंज प्यारों की अगुआई में

समस्त गुरुद्वारों के शबद कीर्तन करते स्त्री पुरुषों के समूह और बैंड दल फिजा को पूर्णतः भक्तिमय बना रहे थे। गुरु गोबिंद सिंह विद्यालय, कैंट खालसा,गुरु रामदास महाविद्यालय, हरि सिंह कला एवं वाणिज्य महा विद्यालय एवं माता गुजरी महिला महाविद्यालय आदि के छात्रगण, एन सी सी दल, गतका दल,बाल पंज प्यारे के साथ ही बड़ी संख्या में गुरुनानक वाणी के सर्व धर्म समभाव से ओतप्रोत बैनर झंडे और गुरुनानक लीला को प्रदर्शित करतीं झांकियां लेकर चल रहे थे। विभिन्न व्यापारी संघों और समितियों द्वारा तोरण द्वार लगाकर भंडारे एवं मिष्ठान वितरण कर भावभीना स्वागत किया गया।

समापन अवसर पर मालवीय चौक में उत्साही नौजवानों ने आकर्षक आतिशबाजी और पटाखों के साथ ही जोरदार भांगड़ा कर माहौल को खुशनुमा कर दिया । प्रधानसाहब प्रताप सिंह विरदी, जत्थेदार कुलदीप सिंह बंसल, सचिव सुखवीर सिंह, इंदरपाल सिंह सेहमी, अवतार सिंह बांगा, जतिंदर सिंह सैनी, एम एस नागी, अमनदीप सिंह विरदी, रजिंदर सिंह धंजल, सुरिंदर सिंह अहलूवालिया एवं गुरुपर्व समिति ने नगर वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 5 ता.को गैरीसन मैदान में धूमधाम से गुरुनानक जयंती मनाई जाएगी। इसी दिन गुरुनानक स्थली गुरुद्वारा मढ़ाताल में भोर बेला में प्रातः 4.30 बजे से प्रातः 9 बजे तक कीर्तन दरबार एवं गुरु का लंगर वितरित किया जाएगा। उसके पूर्व 4 ता. को रात्रि 6 बजे से 11.30 बजे तक कीर्तन दरबार में विख्यात रागी जत्थे शिरकत करेंगे।







