JABALPUR NEWS:- पश्चिम बना बीजेपी के लिए अखाड़ा, कांग्रेस के लिए चुनौती

टिकट के दावेदारों में एक सिंधिया समर्थक का भी दावा, पश्चिम का मिजाज है अलग
राजीव उपाध्याय
JABALPUR NEWS:- जबलपुर। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी में टिकट के दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। पूर्व आईएएस वेदप्रकश के बीजेपी जॉइन करने के बाद बीजेपी में यहां से टिकट दावेदारों में शीत युद्ध की स्थिति बन गई है। खासतौर से एक सिंधिया समर्थक जो यहां से टिकट की आस लगाए हुए हैं उनका भी राजनैतिक भविष्य दांव पर लग गया है। वहीं पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू भी बीजेपी की लाइन से हटकर अलग चल रहे हैं।इससे बीजेपी के दावेदारों में ही आपस में तलवारे खिंच गई हैं। वहीं कांग्रेस के लिए अपनी सीट जीतना चुनौती बन गई है। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां का मिजाज कुछ अलग हैं। आइए इसके मिजाज को समझें,,,,

ये है पश्चिम विधानसभा क्षेत्र ,,
JABALPUR NEWS:- जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र शहर के प्राचीन गढ़ा क्षेत्र और उसके आसपास के इलाके का क्षेत्र है। प्राचीन काल में गोंडवाना काल में गोंड वंश के अनेक निशान इस क्षेत्र में मौजूद हैं। नर्मदा तट के किनारे स्थित इस विधानसभा में त्रिपुरी कांग्रेस अधिवेशन के स्मारक, ग्वारीघाट, तिलवारा घाट का क्षेत्र शामिल है। वहीं मध्यप्रदेश विद्युत मंडल का मुख्यालय शक्ति भवन भी इसी क्षेत्र में है। इस क्षेत्र ने प्रदेश को कई बड़े नाम भी दिए जिनमें कुंजीलाल दुबे, चंद्रकुमार भनोत, हरेंद्रजीत सिंह बब्बू और पूर्व वित्तमंत्री तरुण भनोत शामिल हैं। जबलपुर पश्चिम विधानसभा दक्षिण में शहर में नर्मदा की तराई से शुरू होकर दक्षिण पश्चिम में धनवंतरी नगर, परसवाड़ा, मेडिकल पश्चिम में गढ़ा क्षेत्र को कवर करते हुए, गंगानगर, मदन महल क्षेत्र, छोटी लाइन फाटक, गोरखपुर, रामपुर क्षेत्र को कवर करती है। परिसीमन से पहले इसमें उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी, विवेकानंद, सुभद्रा कुमारी चौहान जैसे कई वार्ड भी हुआ करते थे जो परिसीमन के बाद इससे अलग हो गए हैं।

वोटर्स की स्थिति,,,,,
JABALPUR NEWS:- जबलपुर पश्चिम विधानसभा सीट हिंदू वोटर्स की बहुलता वाली सीट है, जिसमें ब्राम्हण मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। सीट में सिख मतदाताओं का भी बड़ा वर्ग शामिल है, जो निर्णायक भी हैं। इस सीट पर महज 12 हजार के करीब मुस्लिम मतदाता भी हैं।

इतिहास,,,
JABALPUR NEWS:- मध्यप्रदेश के गठन के साथ ही पहले विधानसभा चुनाव में बखरी परिवार से जगमोहन दास इस विधानसभा से चुने गए। जिसके बाद लगातार यहां कांग्रेस का ही वर्चस्व रहा। साल 1990 में कांग्रेस के एकाधिकार को खत्म करते हुए भाजपा की जयश्री बैनर्जी ने तत्कालीन मंत्री चंद्रकुमार भनोत को शिकस्त देकर अलग राजनीति की शुरूआत की, लेकिन संघ पृष्ठभूमि के इस बड़े नाम की टिकट बीजेपी ने साल 1998 में काट दी।हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने लगातार 15 साल तक बीजेपी का झंडा यहां बुलंद रखा। साल 2013 से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पूर्व कैबिनेट मंत्री तरुण भनोत कर रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र की बड़ी चुनावी उठा.पटक
JABALPUR NEWS:- जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में बड़ी चुनावी उठापटक साल 1990, 1998 और 2013 में हुई।
साल 1990- यह वो साल था जब कांग्रेस के एकछत्र राज वाली विधानसभा सीट पर कमल खिला। संघ परिवार की पृष्ठभूमि वाली पूर्व मंत्री जयश्री बैनर्जी को यहां तत्कालीन मंत्री चंद्रकुमार भनोत के खिलाफ मैदान में उतारा गया। चुनाव से पहले लोग मुकाबले को एकतरफा समझते चले आ रहे थे लेकिन जयश्री बैनर्जी ने यह चुनाव जीत लिया और राजनीति का पन्ना ही पलट दिया। 1998- बीजेपी में एक बड़ा नाम बन चुकी जयश्री बैनर्जी ही नहीं पार्टी में किसी को यह विश्वास नहीं था कि बीजेपी जयश्री बैनर्जी का टिकट काटकर एक अनजान नाम हरेंद्रजीत सिंह बब्बू पर भरोसा जताएगी। कांग्रेस ने 1998 में युवा पार्षद संजय यादव को मौका दिया। मामला काटे की टक्कर का लग रहा था, इसमे बब्बू की जीत हुई। 2003 के चुनाव दिग्विजय सिंह की एंटी इनकंबेंसी के चुनाव थे। जिसमें बीजेपी के हरेंद्रजीत सिंह बब्बू विजयी रहे, साल 2008 में भी बब्बू ने तरुण भनोत को पटखनी दी, लेकिन 2013 में तरुण भनोत ने बब्बू को 923 मतों से पछाड़ दिया। साल 2018 में तरुण भनोत ने अच्छी खासी लीड के साथ जीत हासिल की।

अब ये हैं दावेदार,,
JABALPUR NEWS:- विधनसभा चुनाव में इस बार पश्चिम विधान सभा क्षेत्र में बीजेपी से वेदप्रकाश, प्रभात साहू, अभिलाष पांडे और सिंधिया समर्थक अरविंद पाठक दावेदार हैं।







