बरेला जनपद के ग्राम परतला में रानवे नदी पर बने चैक डैम निर्माण कार्य की खुली पोल- 17 लाख बर्बाद करने के बाद भी चारों तरफ से टूटा रानवे नदी पर बना चैक डेम
सरकारी ठेकेदार की लीपापोती आई सामने, क्षेत्रीय रहवासियों ने जताई चिंता


जबलपुर,यशभारत। बरेला जबलपुर जनपद के अंतर्गत महात्मा गांधी मनरेगा अभिसरण के तहत रपटा के बाजू में ग्राम परतला (मबई) में करीब 17 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया रानवे नदी पर चैक डेम इन दिनों बदहाली की कगार पर है। क्षेत्र में डैम इसलिए तैयार किया गया था कि वहां बरसात का पानी रूक सके। पानी रूकना तो दूर यहां पूरा डैम टूटा पड़ा है। कहीं बड़े-बड़े पत्थर नजर आ रहे हैं तो कहीं डैम की पट्टी आधी टूटी पड़ी है। सरकारी ठेकेदार ने किस तरह सरकार के करीब 17 लाख रुपयों को बर्बाद किया है उसकी बानगी इन दिनों इस डैम के पास आकर देखी जा सकती है।

क्षेत्रीय लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि बरसात में यहां पानी नहीं रूकेगा, रानवे नदी पर बना डैम बुरी तरह क्षतिग्रस्त है जहां से पूरा पानी बह रहा है। बरसात में यह पानी क्षेत्रीय लोगों के लिए दु:खदायी साबित हो सकता है क्योंकि हर जगह पानी भरेगा और लोग परेशान होंगे। जिम्मेदार अधिकारियों की भी इस बदहाली की ओर नजर नहीं जा रही है, आलम यह है कि बरेला जबलपुर जनपद के अंतर्गत रपटा के बाजू में ग्राम परतला में रानवे नदी पर बने चैक डेम जर्जर अवस्था में लावारिस जैसे पड़ा हुआ है।

2022 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल 2022 को इस रानवे नदी के उपर चैक डेम बनाने का कार्य शुरू किया गया था जिसमें सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 में करीब 16 लाख रुपए निर्माण कार्य के लिए और अन्य मजदूरी के लिए करीब 1 लाख रुपए राशि स्वीकृत की गई थी। मनरेगा अंतर्गत उपयोग की जाने वाली मशीनरी एवं जेसीबी का उपयोग इस कार्य में किया गया था। यह कार्य बहुत जल्द पूरा भी कर लिया गया था जिसका नतीजा था कि रानवे नदी पर चैक डेम बनकर तैयार कर दिया गया था। लेकिन आज की दशा वहां की कुछ और ही है।

जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं की ठेकेदार पर कार्यवाही
क्षेत्रीय रहवासियों ने बताया कि सरकारी अधिकारियों से ठेकेदार ने सांठ-गांठ कर रानवे नदी पर बने चैक डेम निर्माण में घटिया मटेरियल का उपयोग उस समय किया था जिस कारण चैक डैम बनने के कुछ माह बाद ही यहां अपने आप सीमेंट की परतें उखड़ने लगीं थी और अब आलम यह है कि चारों तरफ से चैक डैम टूट गया है। सरकारी अधिकारियों से सांठ-गांठ के कारण ही जिम्मेदार अधिकारियों ने सरकारी ठेकेदार के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है।







