जबलपुरमध्य प्रदेशराज्य

आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े में आरोपित डा. अश्विनी पाठक मेडिकल कालेज अस्पताल से निलंबित

जबलपुर, ।आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपित डा. अश्विनी पाठक को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज अस्पताल से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर मेडिकल कालेज प्रशासन ने डा. पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। मेडिकल की डीन डा. गीता गुईन ने डा. पाठक को निलंबित किए जाने की पुष्टि की है। किडनी रोग विशेषज्ञ डा. पाठक मेडिकल कालेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।

 

विदित हो कि डा. पाठक व उनकी पत्नी दुहिता पाठक द्वारा संचालित सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल में आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े का पुलिस ने भांडाफोड़ किया था। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से फर्जीवाड़े की शिकायत की गई थी। जिसके बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पाठक दंपती द्वारा अस्पताल के बगल में संचालित होटल वेगा में दबिश दी थी। होटल में आयुष्मान योजना के 30 हितग्राही आराम करते मिले थे जिन्हें गंभीर बीमारियों का मरीज बताकर योजना के तहत सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल में भर्ती होना बताया गया था। पुलिस की छापामारी के कुछ घंटे बाद ही होटल में भर्ती सभी छद्म मरीज भाग खड़े हुए थे। धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कर पुलिस ने डा. पाठक, दुहिता पाठक व सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल के एकाउंटेंट स्टार सिटी निवासी 45 वर्षीय कमलेश्वर मेहतो के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज किया था। तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट के निर्देश पर जेल भेजा जा चुका है। उक्त कार्रवाई के साथ कलेक्टर डा. इलैयाराजा टी के निर्देश पर होटल वेगा को सील कर दिया गया है। सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल का पंजीयन भी स्वास्थ्य विभाग ने रद कर दिया है। आयुष्मान योजना, सीजीएचएस आदि स्वास्थ्य योजनाओं से सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संबंद्धता भी खत्म कर दी गई है। कोतवाली सीएसपी प्रभात शुक्ला ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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