भोपाल में चाय की दुकान पर खूनी संघर्ष के बाद इलाज के दौरान घायल युवक की मौत

भोपाल में चाय की दुकान पर खूनी संघर्ष के बाद इलाज के दौरान घायल युवक की मौत
ताजुल मसाजिद के पास 18 अक्टूबर की रात हुआ था जानलेवा हमला
वेंटिलेटर पर था पीड़ित- आरोपियों के कस्टडी में मुस्कुराने और फायरिंग का इशारा करने से परिजनों में आक्रोश
मास्टरमाइंड नानू को आरोपी बनाने और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
भोपाल, यशभारत। राजधानी के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत रॉयल मार्केट ताजुल मसाजिद के सामने चाय की दुकान पर बैठे एक युवक पर चाकू, लोहे के पाइप और डंडों से किए गए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल इब्राहिम उर्फ आलिम बच्चा की रविवार रात हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के 18 दिन बाद मौत की खबर सामने आते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शाहजहानाबाद थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
चाकू और डंडों से किया गया था ताबड़तोड़ हमला
सामने आए वीडियो और पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे आलिम अपने दोस्त समीर उर्फ गब्बर के साथ एलबीएस रोड स्थित कॉफी हाउस के पास चाय पीने गया था। इसी दौरान ऑटो से पहुंचे उमर उर्फ ट्रैक्टर, जैद, दानिश और उनके अन्य साथियों ने उस पर अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि जैद ने आलिम के पेट और बाएं पैर पर चाकू से कई वार किए, जबकि अन्य हमलावरों ने लोहे के पाइप और प्लास्टिक के डंडों से उसे बेरहमी से पीटकर अधमरा कर दिया था। बीच-बचाव करने आए उसके दोस्त समीर के साथ भी मारपीट की गई थी। गंभीर हालत में आलिम को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह लगातार वेंटिलेटर पर था।
कस्टडी में आरोपियों के जश्न और हरकतों पर भड़के परिजन
थाने का घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों का जब जुलूस निकाला गया, तो वे पुलिस कस्टडी में खुलेआम मुस्कुराते और उंगलियों से फायरिंग का इशारा करते नजर आए। परिजनों का सवाल है कि गंभीर अपराध के आरोपियों के साथ पुलिस का ऐसा सहयोगात्मक और ढीला रवैया क्यों रहा? उन्होंने मांग की कि आरोपियों को कथित तौर पर वीआईपी ट्रीटमेंट देने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए और थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखे जाएं।
नानू को मास्टरमाइंड बनाकर आरोपी बनाने की मांग
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरी वारदात के पीछे नानू नाम के युवक का हाथ है, जो इस मामले का मास्टरमाइंड है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे अब तक इस मामले में आरोपी नहीं बनाया है। भीड़ ने मांग की कि नानू की भूमिका की निष्पक्ष जांच करते हुए उसे तुरंत सह-आरोपी बनाया जाए। युवक की मौत के बाद अब यह मामला केवल मारपीट का नहीं, बल्कि हत्या और पुलिस कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला बन गया है।







