सरई में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र का विरोध तेज, उमंग सिंघार ने उठाए सवाल जमीन अधिग्रहण, विस्थापन और कथित फर्जी एनओसी की जांच की मांग , आदिवासी महिला के परिवार को सहायता देने की अपील

सरई में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र का विरोध तेज, उमंग सिंघार ने उठाए सवाल
जमीन अधिग्रहण, विस्थापन और कथित फर्जी एनओसी की जांच की मांग , आदिवासी महिला के परिवार को सहायता देने की अपील
भोपाल, यश भारत। रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र के सरई गांव में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर को लेकर विरोध तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए परियोजना के स्थल चयन जमीन अधिग्रहण और विस्थापन के मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सिंघार के अनुसार, परियोजना के लिए सरकारी जमीन के अलावा करीब 150 हेक्टेयर निजी भूमि की आवश्यकता बताई जा रही है। इससे खेती और मजदूरी पर निर्भर ग्रामीणों के सामने आजीविका तथा विस्थापन का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने ग्राम पंचायत की कथित एनओसी पर भी सवाल उठाते हुए सरपंच के हस्ताक्षर और दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराने की मांग की।

पर्यावरण और पुनर्वास पर मांगा जवाब
नेता प्रतिपक्ष ने परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन जन सुरक्षा मानकों और स्थानीय आबादी पर संभावित प्रभावों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने वन अधिकार पट्टों से जुड़ी शिकायतों की जांच और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मुआवजे की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। सिंघार ने आंदोलन के दौरान आदिवासी महिला विमला कोल की मौत का मुद्दा उठाते हुए उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने और मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। उन्होंने पन्ना जिले की रुंज सहित अन्य परियोजनाओं के प्रभावितों के मुआवजे का मामला भी उठाया।उन्होंने सरकार से सरई परियोजना के स्थल चयन की समीक्षा कथित एनओसी की जांच और ग्रामीणों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।







