तीन माह से वेतन लंबित, चिकित्सकों ने शुरू की भूख हड़ताल,अब डाक्टर भगवान नहीं रहें जेपी जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों का प्रदर्शन, बोले न्याय भी चाहिए और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी

तीन माह से वेतन लंबित, चिकित्सकों ने शुरू की भूख हड़ताल,अब डाक्टर भगवान नहीं रहें
जेपी जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों का प्रदर्शन, बोले न्याय भी चाहिए और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी
यश भारत, भोपाल। राजधानी भोपाल के जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में 21 अक्टूबर 2026 को लंबित वेतन और कार्यस्थल पर भेदभाव सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर पीड़ित चिकित्सकों ने भूख हड़ताल शुरू की। चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि न्याय समानता और शासन के नियमों के पालन के लिए है।
भूख हड़ताल कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि उनका तीन माह का वेतन लंबित है जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन और संबंधित अधिकारियों से लंबित वेतन तत्काल जारी करने की मांग की। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि वे मरीजों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उनके साथ भी सम्मानजनक और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।
भेदभाव खत्म करने और निष्पक्ष ड्यूटी निर्धारण की मांग
चिकित्सकों ने मांग की कि सभी डॉक्टरों को उनकी विषय विशेषज्ञता के अनुसार कार्य करने का अवसर दिया जाए और कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का भेदभाव बंद किया जाए। इसके अलावा आपातकालीन और रात्रिकालीन ड्यूटी का निर्धारण शासन के नियमों, वरिष्ठता और समान कार्यभार के आधार पर पारदर्शी तरीके से करने की मांग उठाई गई।
उन्होंने बिना उचित कारण वेतन रोकने और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की भी मांग की। चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में सम्मानजनक, निष्पक्ष और भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे बेहतर तरीके से मरीजों का उपचार कर सकें।
हम चुप नहीं, अब और नहीं
भूख हड़ताल के दौरान चिकित्सकों ने हम चुप नहीं अब और नहीं हमारी मांग हमारा अधिकार और हमारी मेहनत का सम्मान करें लंबित वेतन तुरंत जारी करें जैसे संदेशों के माध्यम से अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को न्यायपूर्ण कार्य परिस्थितियां और समय पर वेतन मिलना जरूरी है। चिकित्सकों ने अपने संदेश में कहा कि वे सेवा भी करेंगे और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष भी करेंगे। उनका मानना है कि चिकित्सकों को सुरक्षित सम्मानजनक और बेहतर कार्य वातावरण मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने मजबूत चिकित्सक स्वस्थ समाज’ का संदेश देते हुए अपनी मांगों के निराकरण की अपील की। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मांगों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करना नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है जिसमें डॉक्टर सम्मान और निष्पक्षता के साथ मरीजों की सेवा कर सकें।







