नौ दिन से हाथी का तांडव : गोरसरी में ढहा दिया घर… देखें पूरा वीडियो
जंगली हाथी की दस्तक से दहशत, वन विभाग की निगरानी और रणनीति पर उठे सवाल

सतना /रामनगर यश भारत । मैहर जिले के रामनगर -अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की मौजूदगी को नौ दिन बीत चुके हैं, लेकिन हाथी का जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंचना लगातार जारी है।
गोरसरी गांव में हाथी ने पिंटू कोल के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि पिछले नौ दिनों से हाथी लगातार जंगल और आबादी के बीच विचरण कर रहा है। कई स्थानों पर उसके मूवमेंट की जानकारी सामने आने के बावजूद हाथी को आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से रोकने के इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोरसरी में घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
ग्रामीण बोले—अगली घटना का इंतजार क्यों?
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की मौजूदगी अब केवल फसल या मकान के नुकसान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आबादी में लगातार उसकी आमद से जान-माल की चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब हाथी की लोकेशन लगातार सामने आ रही है, तो उसे आबादी से दूर रखने के लिए प्रभावी रणनीति क्यों नहीं बनाई जा रही।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथी की गतिविधियों पर चौबीस घंटे निगरानी बढ़ाई जाए और ऐसे ठोस इंतजाम किए जाएं, जिससे इंसानों और हाथी दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
नौ दिन बाद भी चुनौती बरकरार
गणेश चतुर्थी से पहले बाणसागर जलाशय क्षेत्र से निकलकर करीब पांच किलोमीटर तक तैरते हुए रामनगर क्षेत्र में पहुंचे इस जंगली हाथी ने अब तक कई दिनों का सफर तय कर लिया है। स्थानीय लोग इसे गजानन महाराज के आगमन से जोड़कर भी देख रहे हैं, लेकिन हाथी के लगातार आबादी की ओर बढ़ते कदमों ने प्रशासन और वन विभाग के सामने सुरक्षा की गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या किसी बड़ी अप्रिय घटना के बाद ही वन विभाग की रणनीति बदलेगी, या उससे पहले ही हाथी और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे?







