राजस्व निरीक्षकों ने पदोन्नति के लिए शासन से लगाई गुहार, 672 रिक्त पदों पर प्रमोशन की मांग
जबलपुर,यश,भारत

राजस्व निरीक्षकों ने पदोन्नति के लिए शासन से लगाई गुहार, 672 रिक्त पदों पर प्रमोशन की मांग
जबलपुर,यश,भारत । प्रदेश में वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मध्यप्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के प्रति आभार जताते हुए राजस्व निरीक्षक संवर्ग को बड़े स्तर पर पदोन्नति देने की मांग उठाई है। संघ ने शासन से नियमों में संशोधन कर वर्तमान में एक बार सीधी भर्ती के पदों को रोकते हुए रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों की पदोन्नति करने का आग्रह किया है। संघ के अनुसार वर्तमान में नायब तहसीलदार संवर्ग में सीधी भर्ती सहित विभिन्न श्रेणियों के कुल 672 पद रिक्त हैं। इनमें सीमित विभागीय परीक्षा को छोड़कर सीधी भर्ती और राजस्व निरीक्षक से पदोन्नति के पद शामिल हैं। संघ का कहना है कि राजस्व निरीक्षक संवर्ग में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
संघ ने शासन के समक्ष पदोन्नति के कई लाभ गिनाते हुए कहा कि इससे अनुभवी कर्मचारियों को उच्च पद की जिम्मेदारी मिलेगी और प्रशिक्षण पर लगने वाले समय व संसाधनों की बचत होगी। साथ ही राजस्व निरीक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शासन की लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी। संघ ने यह भी कहा कि कई राजस्व निरीक्षक वर्तमान में नायब तहसीलदार के समकक्ष वेतन लाभ प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए पदोन्नति से शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार न्यूनतम रहेगा।संघ ने वरिष्ठता सूची से दिवंगत, सेवानिवृत्त, पदोन्नत और पदच्युत कर्मचारियों के नाम हटाकर निर्धारित मापदंड के अनुसार वरिष्ठता तय करने की मांग की है। पदोन्नति के बाद भी कर्मचारी शेष रहने पर स्टेशनरी भत्ता 2500 रुपये और अतिरिक्त सर्किल भत्ता 10 हजार रुपये करने की मांग रखी गई है। पदोन्नति संभव नहीं होने की स्थिति में नायब तहसीलदार सीधी भर्ती के स्वीकृत पदों में राजस्व निरीक्षक पदोन्नति कोटा 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।







