मास्टर प्लान को मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी, 1017 वर्ग किमी तक होगा शहर का विस्तार

मास्टर प्लान को मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी, 1017 वर्ग किमी तक होगा शहर का विस्तार
– 254 गांव जुड़ने की संभावना, मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 15 मंजिल तक निर्माण का प्रस्ताव
भोपाल, यशभारत। राजधानी के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास की दिशा में लंबे समय से लंबित भोपाल मास्टर प्लान को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रस्तावित मास्टर प्लान के प्रारूप को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। करीब 21 साल से नए मास्टर प्लान का इंतजार कर रहे भोपाल के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित प्लान में शहर का दायरा करीब 1017 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने और आसपास के 254 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
मास्टर प्लान में वर्ष 2047 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए आवास, परिवहन, व्यावसायिक गतिविधियों और बुनियादी सुविधाओं के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी। वर्तमान शहर की जरूरतों के साथ भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए भूमि उपयोग और निर्माण से जुड़े नए प्रावधान किए जाने की संभावना है।
सड़क की चौड़ाई से तय होंगी व्यावसायिक गतिविधियां
नए मास्टर प्लान में रिहायशी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सड़क की चौड़ाई को आधार बनाया जा सकता है। 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव है। वहीं 18 से 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर पार्किंग की व्यवस्था के साथ मिश्रित उपयोग की अनुमति देने का प्रावधान किया जा सकता है।
मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 15 मंजिल तक इमारतें
भोपाल मेट्रो कॉरिडोर के आसपास सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने के लिए दोनों ओर 15 मंजिल तक बहुमंजिला भवनों के निर्माण का प्रावधान प्रस्तावित किया जा सकता है। इससे मेट्रो आधारित आवासीय और व्यावसायिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। भविष्य की परिवहन व्यवस्था और शहर के विस्तार में मेट्रो कॉरिडोर को महत्वपूर्ण आधार बनाने की योजना है।
सितंबर में सामने आ सकता है ड्राफ्ट
मास्टर प्लान का ड्राफ्ट सितंबर में जन्माष्टमी के आसपास सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। ड्राफ्ट जारी होने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक संशोधन के बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।







