रेलवे स्टेशन को विकसित कर बनाया जा सकता है मध्य भारत का प्रमुख जंक्शन : नए रेलमार्गों की स्वीकृति और निर्माण आवश्यक

मंडला। रेलवे संघर्ष समिति, मंडला ने कहा है कि मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन में भविष्य में इटारसी जंक्शन की तरह एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन बनने की पूरी क्षमता है। यदि जिले की जनता, समाजसेवी, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं रेलवे मंत्रालय समन्वित प्रयास करें, तो मंडला जिले के विकास को नई दिशा और गति मिल सकती है। समिति के अनुसार लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मंत्री श्रीमती संपतिया उइके तथा जिला प्रशासन यदि इस दिशा में गंभीर पहल करें, तो मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन का व्यापक विकास संभव हो सकेगा। रेलवे संघर्ष समिति ने मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन के समग्र विकास के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, आधुनिक यात्री सुविधाओं, यार्ड, पिट लाइन, वाशिंग लाइन तथा अन्य रेल अवसंरचना के निर्माण की आवश्यकता बताई है। साथ ही नए रेलमार्गों की स्वीकृति और निर्माण को भी अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
समिति ने दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने की मांग की है— गौरेला – पेंड्रा – अमरकंटक – डिंडोरी – मंडला – घंसौर – गोटेगांव – नरसिंहपुर रेलमार्ग। बिलासपुर – पंडरिया – मवई – घुटास – बिछिया – मंडला – नारायणगंज – बीजाडांडी – उदयपुर – बरेला – जबलपुर रेलमार्ग। समिति का मानना है कि इन दोनों रेल परियोजनाओं के साकार होने से मंडला जिला मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क केंद्र बन सकता है। इससे पर्यटन, व्यापार, उद्योग, कृषि, शिक्षा तथा रोजगार के क्षेत्र में व्यापक विकास होगा और जिले का समग्र कायाकल्प संभव हो सकेगा। रेलवे संघर्ष समिति, मंडला ने जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से इस जनहितकारी पहल में सहयोग करने का आग्रह किया है, ताकि मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन को एक भव्य एवं आधुनिक जंक्शन के रूप में विकसित किया जा सके।






