मध्य प्रदेशराज्य

एनकाउंटर : ऑन-द-स्पॉट’ इंसाफ! : जंगल में पुलिस मुठभेड़ के बाद धराया इनामी दरिंदा, 2 आरोपी अब भी फरार

चित्रकूट/ सतना यश भारत।मध्यप्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के भरकूप थाना क्षेत्र के मड़था जंगल में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ। दोनों का उपचार शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया।

 

पुलिस के अनुसार आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर आरोपी ने अवैध हथियारों से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे आरोपी के पैर में गोली लगी और वह बाइक सहित गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से दो देशी तमंचे बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी की ओर से कई राउंड फायर किए गए, जबकि पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।

 

यह गिरफ्तारी 22 जुलाई को देवांगना घाटी में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से जुड़ी है। आरोप है कि तीन युवकों ने एक छात्रा और उसके मित्र को जंगल में रोक लिया। युवक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई, जबकि छात्रा को झाड़ियों में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

वनकर्मी बताकर दी थी धमकी

प्रारंभिक जांच के अनुसार तीनों आरोपी खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर छात्र-छात्रा को डराने लगे। विरोध करने पर छात्र के हाथ-पैर बांध दिए गए और उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने छात्रा के साथ वारदात को अंजाम दिया। किसी तरह युवक ने खुद को मुक्त कर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला पर पहले से इनाम घोषित था। मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 छात्रा को लेकर पुलिस ने किया स्पष्टीकरण

जांच के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कुछ जानकारियां सही नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की अभ्यर्थी नहीं, बल्कि इंटरमीडिएट स्तर की छात्रा है। पुलिस ने लोगों से मामले में भ्रामक जानकारी साझा न करने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक तथ्यों पर ही भरोसा करने की अपील की है।

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