प्राथमिक शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका रास्ता डीपीआई के सामने धरने की अनुमति नहीं मिलने पर कमिश्नर कार्यालय जा रहे थे अभ्यर्थी, पीसीसी कार्यालय के पास पुलिस ने अभ्यर्थी शिक्षकों को समझाया

प्राथमिक शिक्षक भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस ने रोका रास्ता
डीपीआई के सामने धरने की अनुमति नहीं मिलने पर कमिश्नर कार्यालय जा रहे थे अभ्यर्थी, पीसीसी कार्यालय के पास पुलिस ने अभ्यर्थी शिक्षकों को समझाया
भोपाल, यश भारत। मध्यप्रदेश प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती परीक्षा में चयनित 1000 से अधिक अभ्यर्थियों का 15 दिवसीय धरना-प्रदर्शन सोमवार से शुरू हो गया। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी नीलम पार्क से कमिश्नर कार्यालय की ओर जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पीसीसी कार्यालय के सामने रोक दिया। इसके बाद मौके पर काफी देर तक अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच बातचीत होती रही। अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें डीपीआई कार्यालय के सामने धरना देने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी कारण वे कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन की अनुमति मांगने जा रहे थे। पुलिस ने अभ्यर्थियों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कमिश्नर कार्यालय भेजने का सुझाव दिया लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे और मौके पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मध्यप्रदेश चयन परीक्षा नियम 2025 के नियम 49 को लेकर है। अभ्यर्थियों का कहना है कि दस्तावेज सत्यापन (डीवी) की तिथि तक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने वाले चयनित अभ्यर्थियों को पात्र माना जाना चाहिए। उनका आरोप है कि 25 अगस्त 2025 की कटऑफ लागू किए जाने से कई चयनित अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने पूर्व की शिक्षक भर्तियों का हवाला देते हुए नियमों के अनुरूप नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि वे मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं और शैक्षणिक योग्यता भी पूरी कर चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। काफी देर तक समझाइश और बातचीत का दौर चलता रहा लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।





