महा-अभियान के महज 8 दिनों में 20 हजार से ज्यादा लोग बने साइबर स्मार्ट, मैदान में डटे रहे 1177 जांबाज, 335 जगहों पर दी दस्तक

महा-अभियान के महज 8 दिनों में 20 हजार से ज्यादा लोग बने साइबर स्मार्ट, मैदान में डटे रहे 1177 जांबाज, 335 जगहों पर दी दस्तक
भोपाल, यशभारत। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार शुरू हुए प्रदेश व्यापी अभियान Safe Click 2.0 ने राजधानी भोपाल में एक अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति का रूप ले लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन और नगरीय पुलिस भोपाल के आला कप्तानों के नेतृत्व में, साइबर अपराधियों की रीढ़ तोड़ने और आमजन को डिजिटल ठगों से सुरक्षित करने के लिए भोपाल पुलिस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है।
इस महा-अभियान के तहत 24 जून से 01 जुलाई के बीच, महज 8 दिनों में भोपाल नगरीय पुलिस ने जन-जागरूकता का एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान रचा है, जिसने सुरक्षा के मायनों को एक नई ऊंचाई दी है। पुलिस के जांबाज अधिकारियों और जवानों ने दिन-रात एक करके इस सरकारी अभियान को अब एक जन-आंदोलन में तब्दील कर दिया है।
खाकी ने खुद संभाली कला की कमान, नुक्कड़ नाटकों से थमी अपराधियों की चाल
पारंपरिक पुलिसिंग के डंडे से आगे बढ़कर भोपाल पुलिस के विभिन्न थानों के अधिकारियों और जवानों ने इस बार रचनात्मकता का एक अनूठा उदाहरण पेश किया। पुलिसकर्मियों ने खुद कला की कमान संभाली और व्यस्त चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए बेहद सरल और रोचक अंदाज में वित्तीय धोखाधड़ी, हनीट्रैप, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी गंभीर चुनौतियों से बचने के व्यावहारिक गुर सिखाए। इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्ततम इलाकों में गगनभेदी नारों के साथ साइबर जागरूकता रैलियां निकाली गईं, जिसने हर राहगीर को ठगी के खिलाफ सचेत रहने की प्रेरणा दी।
8 दिन, 335 कार्यक्रम और 20 हजार साइबर योद्धा तैयार
इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए भोपाल पुलिस के 1,177 अधिकारी और कर्मचारी लगातार फील्ड में डटे रहे। मात्र 8 दिनों के भीतर शहर भर के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, शासकीय कार्यालयों और बैंकों में 335 से अधिक जागरूकता सत्र, नुक्कड़ नाटक और रैलियों जैसे बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन चौतरफा प्रयासों के चलते रिकॉर्ड समय में लगभग 20,000 से अधिक नागरिकों और छात्र-छात्राओं को सीधे तौर पर डिजिटल सुरक्षा का पाठ पढ़ाया गया।
कॉलेजों और बैंकों में दिया गया सुरक्षा का मूलमंत्र
भोपाल पुलिस की स्पेशल टीमों ने शहर के हर उस संवेदनशील कोने को कवर किया जहाँ से ठगी की गुंजाइश होती है। बैंकों में जाकर ग्राहकों और स्टाफ को सुरक्षित बैंकिंग के तरीके बताए गए, तो वहीं शासकीय कार्यालयों में डिजिटल डेटा सुरक्षा पर गहन मंथन हुआ। युवाओं और विद्यार्थियों को निशाना बनाने वाले अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए कॉलेजों में विशेष वर्कशॉप आयोजित की गईं, जहां युवाओं को “एक गलत क्लिक… और सब खत्म” का मूलमंत्र देकर हमेशा सतर्क रहने की शपथ दिलाई गई।
भोपाल पुलिस की अपील: आपका एक सही कदम रोकेगा बड़ा अपराध
भोपाल पुलिस ने आम जनता के नाम एक बेहद जरूरी संदेश जारी करते हुए कहा है कि डिजिटल युग में आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा और अभेद्य सुरक्षा कवच है। भोपाल पुलिस हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी संदिग्ध कॉल, लॉटरी के झांसे वाले मैसेज या अज्ञात लिंक पर बिना सोचे-समझे ‘सिर्फ क्लिक’ करने की भूल कतई न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!







