जनता बेहाल, होटलों पर चाय छान रहे सफाईकर्मी: राजधानी के वार्ड 10 में गंदगी का साम्राज्य, वाजपेयी नगर मल्टी और झंडा चौक बने कचरा घर

जनता बेहाल, होटलों पर चाय छान रहे सफाईकर्मी: राजधानी के वार्ड 10 में गंदगी का साम्राज्य, वाजपेयी नगर मल्टी और झंडा चौक बने कचरा घर
भोपाल, यश भारत। राजधानी का वार्ड नंबर 10 इन दिनों नगर निगम की घोर लापरवाही और सफाई कर्मचारियों की मनमानी का शिकार बना हुआ है। पूरे क्षेत्र में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं और जगह-जगह कचरे का ऐसा अंबार लग चुका है जिसे देखकर लगता है कि नगर निगम ने इस वार्ड को अपने हाल पर ही छोड़ दिया है। हफ्तों से कचरा गाड़ियां और सफाईकर्मी नदारद हैं, जिससे सड़कों पर कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं।

ड्यूटी के वक्त होटलों पर जमती है महफिल
स्थानीय निवासियों ने बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों के कंधों पर वार्ड को साफ रखने की जिम्मेदारी है, वे अपनी ड्यूटी के घंटों के दौरान होटलों पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते और गप्पे मारते नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब जनता इन्हें कचरा उठाने या सफाई करने के लिए कहती है, तो ये काम करने के बजाय बदतमीजी पर उतारू हो जाते हैं और साफ तौर पर मना कर देते हैं।
वाजपेयी नगर मल्टी में नर्क जैसे हालात, झंडा चौक भी बेहाल
वार्ड की सबसे बदतर स्थिति वाजपेयी नगर मल्टी में देखने को मिल रही है। यहाँ हर एक बिल्डिंग के नीचे कचरे का भारी ढेर जमा हो चुका है। सड़ते हुए कचरे से उठने वाली तीखी बदबू के कारण स्थानीय लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। ऐसा ही नजारा झंडा चौक के बीच ग्राउंड का भी है, जहाँ चारों तरफ फैली गंदगी ने इस सार्वजनिक स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया है। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

कई शिकायतों के बाद भी कुंभकर्णी नींद में जिम्मेदार
वार्ड वासियों का कहना है कि वे इस नरकीय स्थिति को लेकर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और जिम्मेदारों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं। कई बार लिखित शिकायतें देने के बाद भी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। अधिकारियों की इस अनदेखी और कर्मचारियों की गुंडागर्दी के कारण स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है। अब देखना यह होगा कि इस बदहाली को देखने के बाद भी जिम्मेदार गहरी नींद से जागते हैं या वार्ड नंबर 10 की जनता को इस गंदगी में तड़पने के लिए यूं ही छोड़ दिया जाएगा।





