तुलसी नगर, शिवाजी नगर, अरेरा कॉलेनी सहित 10 लाख से ज्यादा आबादी पानी के लिए रही परेशान – तीन दिन बाद लौटा पानी, कोलार लाइन का लीकेज सुधारा

तुलसी नगर, शिवाजी नगर, अरेरा कॉलेनी सहित 10 लाख से ज्यादा आबादी पानी के लिए रही परेशान
– तीन दिन बाद लौटा पानी, कोलार लाइन का लीकेज सुधारा
भोपाल, यश भारत। तीन दिन तक पानी के लिए जूझने के बाद आखिरकार शुक्रवार सुबह भोपाल के लाखों लोगों को राहत मिली। शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी की प्यास बुझाने वाली कोलार परियोजना की मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद नगर निगम ने जलापूर्ति बहाल कर दी। हालांकि तीन दिनों तक चली इस समस्या ने शहर की जल वितरण व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम के अनुसार बांसखेड़ी क्षेत्र में 1650 एमएम व्यास की ग्रेविटी पाइपलाइन में हुए बड़े लीकेज को गुरुवार रात तक दुरुस्त कर लिया गया था। इसके बाद रात में पंप चालू किए गए और शुक्रवार सुबह से कोलार फिल्टर प्लांट से सीधे पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई। चार इमली, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, अरेरा कॉलोनी, नारियलखेड़ा, टीला जमालपुरा, जवाहर चौक और इब्राहिमपुरा सहित कई इलाकों में जलापूर्ति बहाल हुई।
पानी के लिए भटके हजारों परिवार
कोलार लाइन से जुड़े 75 से अधिक मोहल्लों में पिछले तीन दिनों से नलों में पानी नहीं आया। ऐसे में लोगों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ा। कई रहवासियों का आरोप है कि सामान्य दिनों में 300 रुपए में मिलने वाला पानी का टैंकर संकट के दौरान 1000 से 1200 रुपए तक में बेचा गया। अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर, जवाहर चौक, शाहपुरा और कोलार क्षेत्र के अनेक परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी खरीदना पड़ा। कई जगह लोगों ने पड़ोसियों और निजी बोरवेलों पर निर्भर रहकर किसी तरह काम चलाया। घरों में पीने के पानी से लेकर खाना बनाने और बच्चों की जरूरतों तक के लिए परेशानी बनी रही।
सीधे फिल्टर प्लांट से दी गई सप्लाई
नगर निगम के अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग के मुताबिक सामान्य तौर पर पहले जलाशयों और टंकियों को भरा जाता है, फिर सप्लाई दी जाती है। लेकिन लोगों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए इस बार 68 कोलार टंकियों को भरे बिना फिल्टर प्लांट से सीधे जलापूर्ति शुरू की गई। अब सप्लाई के बाद टंकियों को भरा जाएगा ताकि शनिवार से व्यवस्था सामान्य हो सके। जल संकट के बीच नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने मरम्मत स्थल का निरीक्षण किया और देर रात तक काम की निगरानी करती रहीं।
शहर के बड़े हिस्से पर पड़ा असर
नारियलखेड़ा, शाहजहांनाबाद, निशातपुरा, चौकसे नगर, हमीदिया रोड, इब्राहिमपुरा, बुधवारा, शाहपुरा, त्रिलंगा, तुलसी नगर, माता मंदिर, चार इमली, कोलार, कोटरा सुल्तानाबाद, एमपी नगर और अरेरा कॉलोनी सहित दर्जनों क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रही। लाखों लोगों को तीन दिन तक पानी के संकट का सामना करना पड़ा।
अब नर्मदा लाइन में लीकेज ने बढ़ाई चिंता
कोलार लाइन की मरम्मत पूरी होने के साथ ही अयोध्या बायपास क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन में भी कई स्थानों पर लीकेज सामने आ गए हैं। सडक़ निर्माण कार्य के दौरान हुए नुकसान के कारण आसाराम तिराहे से रत्नागिरि तिराहे तक के क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में शहर के एक हिस्से को राहत मिलने के साथ दूसरे हिस्से में जल संकट की चिंता बढ़ गई है।

सबक भी छोड़ गया यह संकट
तीन दिन तक चले इस संकट ने साफ कर दिया कि राजधानी जैसे बड़े शहर में एक मुख्य पाइपलाइन में खराबी आने पर लाखों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। पानी की वैकल्पिक व्यवस्था, टैंकरों की उपलब्धता और निजी सप्लायरों की मनमानी पर नियंत्रण जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में हैं। फिलहाल जलापूर्ति बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी समाधान की मांग भी तेज हो गई है।
व्यवस्था बनाई गई है
कोलार पाइप लाइन लीकेज में सुधार किया गया है, लोगों को पानी की परेशानी ना हो इसके लिए निगम का अमला लगातार काम कर रहा है।
– संस्कृति जैन, कमिश्रर, नगर निगम भोपाल







