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मुख्यमंत्री की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस का गांधीवादी धरना

कचहरी चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन, कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक मर्यादा और शालीनता बनाए रखने की उठाई मांग

मुख्यमंत्री की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस का गांधीवादी धरना

कचहरी चौक पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन, कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक मर्यादा और शालीनता बनाए रखने की उठाई मांग20260601 185044 scaled

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कटनी,यशभारत। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए कथित अमर्यादित बयान के विरोध मे जिला कांग्रेस कमेटी शहर के तत्वावधान में कचहरी चौक पर गांधीवादी तरीके से धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराते हुए राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की मांग की।

धरना कार्यक्रम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल के आतिथ्य तथा शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा, किसान नेता गुड्डू द्विवेदी, जितेंद्र (जित्तू) गुप्ता, मारूफ अहमद हनफ़ी, प्रमोद पटेल, राजेश जाटव, मुन्ना कुशवाहा, मुकेश बर्मन, अजय खटीक, रंजीत सिंह, श्याम पाहुजा, अजय कोल, अजय जैसवानी, मंगल सिंह, कमलेश यादव, आनंद पटेल, राम मुलवानी, आदिता वर्मा, अहमद कुरैशी, नारायण निषाद, संदीप यादव, इमरान खान, विजय मंगल चौधरी, राजकुमार विश्वकर्मा, रमेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, शशांक गुप्ता, सुरजीत सिंह सोलंकी, अजय वर्मा, एडवोकेट तरुण दुबे, अंशु गुप्ता, माधवेंद्र सिंह तथा दिलदार खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरने को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य राजमणि पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के विरुद्ध जिस प्रकार की टिप्पणी की गई है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है। जनता अपने जनप्रतिनिधियों से संयमित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा करती है तथा राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत टिप्पणी का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और गांधीवादी विचारधारा में विश्वास किया है। इसी कारण पार्टी ने विरोध दर्ज कराने के लिए शांतिपूर्ण धरने का मार्ग चुना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी प्रकार का पुतला दहन नहीं कर रही है, क्योंकि पूर्व में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बड़ी मात्रा में पानी सड़कों पर बहाया गया था। भीषण गर्मी के इस दौर में शहर के पानी की बर्बादी उचित नहीं है।

अमित शुक्ला ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई कथित बयानबाजी राजनीतिक मर्यादा और शिष्टाचार के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा भाजपा और उसके नेतृत्व की कार्यशैली को उजागर करती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए तथा सार्वजनिक जीवन में गरिमा और शालीनता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश नेतृत्व के समर्थन में नारे लगाए और मुख्यमंत्री से अपने कथित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की।

कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कचहरी चौक पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन दो फायर ब्रिगेड वाहन भी मौके पर मौजूद रहे।

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