समर्पण की मिसाल: डॉक्टर ने मौत के बाद भी निभाया फर्ज,मेडिकल छात्रों के लिए देह समर्पित
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ विदाई

जबलपुर, यशभारत। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं प्रदेश के वरिष्ठ पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. वी.के. रैना का बुधवार रात 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जीवनभर ‘मरीज पहले’ की भावना के साथ सेवा करने वाले डॉ. रैना ने मृत्यु के बाद भी समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाते हुए देहदान कर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।
डॉ. रैना ने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था, जिसे उनके परिजनों ने पूरा किया। शुक्रवार को पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए उनकी देह मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को सौंप दी गई, जहां यह भावी चिकित्सकों के अध्ययन और प्रशिक्षण में उपयोगी होगी। देहदान की प्रक्रिया के दौरान आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना सहित वरिष्ठ चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। कलेक्टर ने डॉ. रैना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया और आमजन से भी देहदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आगे आने की अपील की।
डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि डॉ. रैना जबलपुर मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि प्रदेश के पहले पीडियाट्रिक सर्जनों में शामिल थे। अपने कार्यकाल के दौरान वे सर्जरी एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे और उन्होंने चिकित्सा शिक्षा व सेवाओं को नई दिशा दी। डॉ. रैना का संपूर्ण जीवन सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल रहा, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।







