भोपाल साइबर क्राइम ने किया ऑपरेशन FACE में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश

भोपाल साइबर क्राइम ने किया ऑपरेशन FACE में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश
एक ही चेहरे पर एक्टिव थीं 246 सिम, AI टूल की मदद से पुलिस ने दो एजेंटों को दबोचा
भोपाल, यश भारत। राजधानी की साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीक का सटीक इस्तेमाल करते हुए फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन FACE के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दो पीओएस एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो मासूम लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर एक ही चेहरे पर सैंकड़ों सिम एक्टिवेट कर रहे थे।
ऐसे हुआ बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के डेटा और AI-आधारित फाइनेंशियल रिकग्निशन टूल ने एक संदिग्ध पैटर्न पकड़ा। जांच में पाया गया कि एक ही व्यक्ति के फोटो का इस्तेमाल कर 50 से अधिक सिम कार्ड अलग-अलग नाम-पतों पर एक्टिव किए गए हैं। जब पुलिस ने गहराई से पड़ताल की, तो यह संख्या 246 तक जा पहुंची।
पुलिस ने देवेंद्र यादव और मोहम्मद सैफ कुरैशी नाम के दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राहकों से मिलने वाले आईडी प्रूफ और फोटोकॉपी का अवैध संग्रह करते थे। सिम एक्टिवेशन की प्रक्रिया के दौरान, आरोपी अपने ही एक कर्मचारी के चेहरे का बार-बार इस्तेमाल करते थे, जबकि नाम और पते दूसरे दस्तावेजों से लिए जाते थे।
पुलिस को अंदेशा है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे शहर के अन्य इलाकों में सक्रिय ऐसे ही अन्य नेटवर्क और उनके खरीदारों का सुराग मिल सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी आईडी और फोटो केवल अधिकृत केंद्रों पर ही दें।







