18 साल बाद पारदी दंपती हत्याकांड में फैसला, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे समेत 14 आरोपी बरी

18 साल बाद पारदी दंपती हत्याकांड में फैसला, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे समेत 14 आरोपी बरी
भोपाल स्थित सीबीआई की विशेष अदालत का निर्णय,
2008 में बैतूल के चौथिया गांव में हुई थी घटना
यश भारत, भोपाल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के बहुचर्चित पारदी दंपती हत्याकांड में करीब 18 साल बाद फैसला सुनाते हुए भोपाल स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो सीबीआई की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे और जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार सहित 14 आरोपियों को बरी कर दिया। जिसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा डोल नगाड़े बजाकर मिठाई बांटी गई और कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई
यह मामला वर्ष 2008 में बैतूल जिले के मुलताई के पास स्थित चौथिया गांव का है। उस समय पारदी समुदाय के डेरे में हिंसा और आगजनी की घटना हुई थी। घटना के बाद बोंद्रु पारदी और उनकी पत्नी के शव गांव के एक कुएं से बरामद किए गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार सहित कुल 16 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। बाद में इस मामले की जांच और सुनवाई भोपाल स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चली। करीब 18 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए और विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। इस बीच दो आरोपियों की मृत्यु हो जाने के कारण अंतिम निर्णय के समय कुल 14 आरोपियों पर ही फैसला सुनाया गया।
शुक्रवार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी 14 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।







