ईरान युद्ध का असर, गैस सिलेंडर के लिए शुरू हुई मारामारी, होम डिलीवरी व्यवस्था प्रभावित
नई गैस गाइडलाइन से बढ़ी परेशानी,एजेंसियों में उमड़ी भीड़

जबलपुर, यशभारत। एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई गाइडलाइन ने शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की अनिवार्यता के चलते गैस एजेंसियों में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग और रिफिल लेने के लिए 3 से 5 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन गई है जानकारी के अनुसार कई क्षेत्रों में होम डिलीवरी व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। गैस की बुकिंग और वितरण प्रक्रिया में तकनीकी अड़चनों के कारण उपभोक्ताओं को खुद सिलेंडर लेने एजेंसियों तक पहुंचना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों में रिफिल सप्लाई में करीब 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि लगभग 60 प्रतिशत बुकिंग सर्वर डाउन होने के कारण लंबित पड़ी हुई हुई हैं।
एजेंसियों में सुबह से तांता
जिलेभर की गैस एजेंसियों में सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड देखी जा रही है। तेज धूप के बावजूद लोग घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए एजेंसियों के बाहर लाइन में लगे रहे। भारत पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों ने मंगलवार को गैस एजेंसी संचालकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर निर्देश दिए कि सभी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से की जाए। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
सतर्कता में बढ़ी गैस बुकिंग
संभावित संकट की आशंका के चलते उपभोक्ता पहले से ही सतर्क नजर आ रहे हैं और लगातार गैस बुकिंग कर रहे हैं। हालांकि गैस एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और प्लांट से नियमित आपूर्ति की जा रही है, लेकिन नई व्यवस्था के कारण वितरण प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।
ईंधन को लेकर अफवाह से पंपों पर जमावड़ा
इधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ईंधन संकट की अपवाह भी फैल गई। इसके चलते सिहोरा और पनागर क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग गाड़ियों की टंकियां पुल कराने और डिब्बों में पेट्रोल-डीजल भरने पहुंचे। हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त आपूर्ति जारी है।








