साध्वी रंजना दीदी विवाद: पुलिस कार्रवाई के खिलाफ पाटीदार समाज ने खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग

साध्वी रंजना दीदी विवाद: पुलिस कार्रवाई के खिलाफ पाटीदार समाज ने खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग
भोपाल, यशभारत। राजधानी के मिसरोद इलाके में साध्वी रंजना दीदी और स्थानीय लोगों के बीच उपजे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को एकपक्षीय बताते हुए पाटीदार समाज ने लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समाज के महिला और पुरुषों ने मिसरोद एसीपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि निर्दोषों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैलाया जाएगा।
क्या है पूरा विवाद?
मामले की शुरुआत 26 फरवरी को मिसरोद के मुख्य मार्ग पर हुई। बताया जा रहा है कि सड़क पर वाहन को पीछे करने और ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग को लेकर साध्वी रंजना दीदी और कुछ लोगों के बीच बहस हुई थी। पाटीदार समाज का आरोप है कि साध्वी का वाहन गलत दिशा से आ रहा था, जिसका प्रमाण वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। विवाद बढ़ने पर आरोप है कि साध्वी ने एक व्यक्ति को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने वाहन के कांच तोड़ दिए।
समाज की प्रमुख आपत्तियां:
विरोध प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
एकतरफा कार्रवाई: समाज का कहना है कि पुलिस ने दबाव में आकर केवल एक पक्ष की बात सुनी और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
परिजनों को परेशानी: आरोप है कि पुलिस घर-घर जाकर महिलाओं और बुजुर्गों को परेशान कर रही है, जिससे समाज में असुरक्षा का भाव है।
सीसीटीवी साक्ष्य: समाज की मांग है कि सड़क पर लगे कैमरों की निष्पक्ष जांच हो ताकि यह साफ हो सके कि विवाद की शुरुआत किसने की।
अपमानजनक टिप्पणी: घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से समाज के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी कड़ी नाराजगी जताई गई है।
प्रशासन को अल्टीमेटम
मिसरोद एसीपी को सौंपे गए ज्ञापन में पाटीदार समाज ने स्पष्ट किया है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। समाज के पदाधिकारियों का कहना है, यह एक सामान्य सड़क विवाद था जिसे जानबूझकर बड़ा रूप दिया गया है। यदि पुलिस ने अपनी जांच की दिशा नहीं बदली और दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए, तो प्रदेश के हर जिले में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।







