भोपालमध्य प्रदेश

बंद पड़ी अन्ना नगर पुलिस चौकी बनी असामाजिक तत्वों का अड्डा

बंद पड़ी अन्ना नगर पुलिस चौकी बनी असामाजिक तत्वों का अड्डा

– सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस अधिकारी नहीं दें रहे ध्यान

भोपाल, यश भारत। शहर के अन्ना नगर चौराहे पर स्थित पुलिस चौकी लंबे समय से बंद पड़ी है और अब यह स्थान असामाजिक तत्वों के लिए शराबखोरी और जमावड़े का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही के कारण चौकी की हालत बदहाल हो चुकी है और इसकी कोई देखरेख नहीं की जा रही है।
मौके पर देखने पर चौकी के दरवाजे खुले पड़े हैं। अंदर और बाहर सामान अस्त-व्यस्त स्थिति में पड़ा हुआ है। कुछ सामान लावारिस हालत में दिखाई देता है, जिससे स्पष्ट है कि लंबे समय से यहां कोई नियमित गतिविधि नहीं हो रही। चौकी के आसपास गंदगी का आलम है और शाम ढलते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। रहवासियों का कहना है कि खुलेआम शराब पीना, शोर-शराबा और संदिग्ध गतिविधियां आम बात हो गई हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जिस स्थान पर कानून-व्यवस्था की निगरानी होनी चाहिए थी, वही जगह अब असुरक्षा का कारण बनती जा रही है। चौकी बंद होने से क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति लगभग समाप्त हो गई है, जिससे चोरी, झगड़े और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रहवासियों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस चौकी की जिम्मेदारी किसकी है? यदि चौकी अस्थायी रूप से बंद की गई है तो इसकी सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? खुले दरवाजे और बिखरा सामान प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रहे हैं। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह स्थान बड़े आपराधिक घटनाक्रम का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस चौकियों की सक्रियता अत्यंत आवश्यक है। किसी भी चौकी का लंबे समय तक बंद रहना न केवल सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है, बल्कि इससे असामाजिक तत्वों के हौसले भी बढ़ते हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और जिला अधिकारियों से मांग की है कि अन्ना नगर पुलिस चौकी को या तो पुनः संचालित किया जाए या फिर उसकी सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही परिसर की साफ-सफाई, मरम्मत और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रह सके।

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