आवारा पशुओं पर निगम की कार्रवाई जारी, फिर भी सड़कों पर हालात जस के तस

आवारा पशुओं पर निगम की कार्रवाई जारी, फिर भी सड़कों पर हालात जस के तस
– 36 पशु कांजी हाउस भेजे, 35 को हांककर हटाया, नागरिकों ने उठाए सवाल
भोपाल, यश भारत । शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे आवारा पशुओं को लेकर नगर निगम की कार्रवाई सोमवार को जारी रही। निगम अमले ने विभिन्न क्षेत्रों से 36 पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस भेजा, जबकि हाका पार्टी ने 35 पशुओं को सड़कों से हटाने की कार्रवाई की। इसके अलावा 6 घायल और बीमार पशुओं को पशु चिकित्सालय तथा 20 पशुओं को गौशाला भेजा गया।
कार्रवाई नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देश पर की गई। निगम की गोवर्धन परियोजना शाखा के दल ने श्यामला हिल्स, पॉलीटेक्निक, राजभवन, लालपरेड, पुरानी विधानसभा, मंत्रालय, लालघाटी, स्टेट हैंगर, बरखेड़ी, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, बिट्टन मार्केट, अशोका गार्डन, भानपुर, करोंद, जंबूरी मैदान, खजूरी, अवधपुरी, एम्स, साकेत नगर, टैगोर नगर, पिपलानी और जेल रोड सहित कई क्षेत्रों में अभियान चलाया।
निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में सड़कों पर स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस भेजने की कार्रवाई निरंतर जारी है। अरवलिया कांजी हाउस से 20 पशुओं को गौशाला भेजने की प्रक्रिया भी की गई, ताकि वहां स्थान खाली हो सके और आगे की कार्रवाई सुचारू रूप से चलती रहे।
हालांकि, निगम के दावों के बावजूद शहरवासियों का कहना है कि सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या में कोई ठोस कमी नजर नहीं आ रही है। मुख्य मार्गों से लेकर कॉलोनियों की आंतरिक सड़कों तक पशु बैठे दिखाई देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पकड़ने और हांकने की कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए पशुपालकों की जवाबदेही तय करना, जुर्माने की सख्त व्यवस्था और दीर्घकालिक पुनर्वास योजना आवश्यक है।







