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खबरीं ध्वस्त: क्राइम ब्रांच की बैसाखियों पर थानों की पुलिस, डेढ़ माह में हुई कार्रवाईयां दे रही गवाहीं मुखबिर तंत्र हुआ ध्वस्त

जबलपुर यश भारत। शहर जब कोई बड़ी वारदात होती है तो थाने का वायरलेस गंूजने के साथ इसकी कायमी भी थाने में ही होती है लेकिन जब आरोपित को पकडऩे या अनसुलझे मामलों की गुत्थी सुलझाने की बात आती है तो थानों की पुलिस के खबरीं ध्वस्त होने के चलते वे मामलों से दूरी बना लेती है जिसके बाद असली खेल क्राइम ब्रांच वाले खेलते है। अधिकतर थानों की पुलिस सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है जिसके पीछे की मुख्य वजह उनके जमीनी मुखबिर धीरे-धीरे खत्म होना है। दरअसल वैसे तो 36 थानों में अपराधों की फाइलों की भरमार है, जिनमें से अनेक मामलें अनसुलझे भी है। जिनकी गुत्थी सुलझाने से लेकर अपराधियों पर कार्रवाई करने में क्राइम ब्रांच आगे निकल गई है। मुखबिरों से अधिकतर सूचनाएं क्राइम ब्रांच को मिल रही है जिसके आधार पर थानों की पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच कार्रवाईयां को अपने नाम दर्ज कर रही है। 1 जनवरी से 15 फरवरी तक हुई पुलिसिया कार्रवाईयों के आंकड़े गवाहीं दे रहे है कि शहर के थानों की पुलिस का मुखबिर तंत्र ध्वस्त हो चुका है और थाना पुलिस क्राइम ब्रांच की बैसाखियों पर चल रही है।

अनसुलझे प्रकरण से फूल जाते है हाथ-पांव

अपराध के अनसुलझे बड़े मामलों की गुत्थी जब उलझ जाती है या फिर आरोपित थाना पुलिस की गिरफ्त से लंंबे समय तक दूर रहते है तो पहले वे अंधेरे में हाथ-पांव मारते है थाना प्रभारियों से लेकर संबंधित अपराध के विवेचक के जब हाथ-पांव फूल जाते तो उन्हें क्राइम ब्रांच की याद आती है। इसके साथ ही कई थानों में यह भी ट्रेंड बन गया है कि अगर केस उलझा हुआ है, तो सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से सिफारिश कर मामला क्राइम को सौंप दिया जाता है। हालंाकि क्राइम ब्रांच सीधे चोट कर रही है।  

सांठगांठ या डिजिटल युग की लत

थाना स्तर पर पुलिस की पकड़ कमजोर होने के कारण अब बड़े से लेकर छोटे-बड़े मामलों की गुत्थी सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच पर निर्भरता बढ़ी है। सूत्रों की माने तो तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता थाना पुलिस मुखबिरों के बजाय मोबाइल टावर लोकेशन और फुटेज पर ज्यादा भरोसा करने लगी है इससे जमीनी स्तर पर सूचनाओं का प्रवाह कम हो गया है।पुराने दौर के पुलिस अधिकारी, जिनका अपने इलाके में मजबूत नेटवर्क मुखबिर होते है लेकिन अब वे दौर खत्म होता नजर आ रहा है । क्राइम ब्रांच की कार्रवाई से यह सवाल भी उठ रहा है कि उनके क्षेत्र में क्राइम ब्रांच की दबिश संबंधित थाने की भूमिका पर सवाल उठा रही है । अपराधियों से सांठगांठ भी चर्चा होती है ।  

इन हत्याओं को सुलझाने में भी अहम रोल

भेड़ाघाट में 3 जनवरी को सहजपुर ब्रिज में हुई महेन्द्र साह की हत्या, गोहलपुर में 7 जनवरी को बस स्टेंड के पीछे आकाश की हत्या, 10 जनवरी को रिचा रजक की हत्या, सिविल लाइन में हुई मोनू झारिया की हत्या, आठ फरवरी को एकांश साहू की हत्या, पनागर में गैंगरेप के बाद महिला की हत्या को सुलझाने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तार में तक अहम रोल क्राइम ब्रांच का रहा है 

ये कार्रवाईयां भी क्राइम ब्रांच के नाम-

… पनागर थाना अंतर्गत जयप्रकाश वार्ड में पिता-पुत्र पर हमला कर जेवरों से भरे जेवर लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों को दबोचा।

… 9 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने खमरिया पुलिस के साथ सटोरिए चंदन ठाकुर को दबोचा था।

10 जनवरी को माढ़ोताल मेेंं चार लाख रूपए के गांजा समेत अंकित रैकवार, किशन मलिक को पकड़ा।

10 जनवरी को सात आरोपियों को 20 चाकुओं के साथ पकड़ा गया। 

16 जनवरी को गढ़ा मेें सात लाख का गंाजा के साथ पति-पत्नी समेत तीन तस्करों को दबोचा गया।

18 जनवरी को बरगी मेें 7 किलो 900 ग्राम गांजा समेत दो आरोपियों राज उर्फ अकी, अमित उर्फ टक्कू को पकड़ा।

कटंगी में कृष्ण कुमार की मोबाइल दुकान का ताला तोडक़र नगदी चुराने वाले दो आरोपी पकड़े।

24 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने चार वाहन चोर वरूण कुमार उर्फ कृष्णा यादव को पकड़ा है।

25 जनवरी को माढ़ोताल में 8 लाख 27 हजार रूपए की स्मैक के साथ ऋषभ सोनकर उर्फ बाबू सोनकर को पकड़ा गया।

2 फरवरी को बरगी नंदकेश्वर ढाबा एनएच रोड पर से तीन लाख 34 हजार का गांजा समेत शिवम, गोलू उर्फ अन्नू को पकड़ा गया।

2 फरवरी को हनुमानताल मेंं पिस्टल, कारतूस के साथ रोहित चौधरी को पकड़ा।

सिवनी छपारा में चोरी कर जबलपुर पहुंचे शातिर चोर गुलफाम उर्फ गुड्डू पिता जब्बार को दबोचा।

6 फरवरी को गोरखपुर नया गांव में 10 किलो 380 ग्राम गांंजा समेत आदित्य विश्वकर्मा को पकड़ा गया। 9 फरवरी को वाहन चोर राजकुमार, धमेन्द्र राजपूत, शिवम को पांच वाहनों समेत पकड़ा ।

8 फरवरी को 2.27 करोड़ की साइबर ठगी में जम्मू कश्मीर और यूपी में दबिश देकर दो ठग अजहर खालिक, नासीर एहमद को पकड़ा।

12 फरवरी को पिस्टल के साथ सोनू चक्रवर्ती को दबोचा।

13 फरवरी को हाथीताल के पास से आठ लाख का गाजा समेत चंदन जैन उसकी मां राजुल जैन को पकड़ा।

15 फरवरी को आठ लाख 64 हजार रूपए के कप सिरफ पकड़े।

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