मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया देश के पहले साइबर पंजीयन केंद्र का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया देश के पहले साइबर पंजीयन केंद्र का शुभारंभ
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में अब जमीन-मकान की रजिस्ट्री के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और घंटों लाइन में लगने के दिन खत्म हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी स्थित पंजीयन भवन में प्रदेश के पहले साइबर पंजीयन कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया। संपदा 2.0 पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई यह सुविधा नागरिकों के लिए ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
घर बैठे होगी रजिस्ट्री, दफ्तर आने की जरूरत नहीं इस नई व्यवस्था के तहत अब संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश तकनीक का उपयोग कर आम जनता के जीवन को सरल बनाने में देश का नेतृत्व कर रहा है। साइबर पंजीयन के माध्यम से लोग अब दुनिया के किसी भी कोने से अपनी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करा सकेंगे।
संपदा 2.0 की प्रमुख विशेषताएं
आधार ई-केवाईसी: पहचान की चोरी रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन।
ई-साइन और ई-स्टैंप: भौतिक हस्ताक्षर की जगह डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग।
ऑटो-म्यूटेशन: रजिस्ट्री होते ही नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः शुरू हो जाएगी।
जीआईएस मैपिंग: प्रॉपर्टी की सटीक लोकेशन और पहचान के लिए तकनीक का समन्वय।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम, समय की होगी बचत साइबर तहसील के बाद अब साइबर पंजीयन शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। अधिकारियों के अनुसार, संपदा 2.0 पोर्टल न केवल रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तेज करेगा, बल्कि राजस्व संग्रहण में भी शुद्धता सुनिश्चित करेगा। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे।
हम तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को इतना सुलभ बना रहे हैं कि आम आदमी को अपने काम के लिए दफ्तर न आना पड़े। संपदा 2.0 मध्य प्रदेश के सुशासन का नया चेहरा है।– डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री







