कटनीमध्य प्रदेश

कटनी को समस्याओं की राजधानी बना दिया सरकार ने, पानी, बिजली, सड़क के लिए लोग परेशान, कटनी के विकास के लिए दो हजार करोड़ दे सरकार, पत्रकारों से बातचीत में महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा

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कटनी, यश भारत। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार के कार्यकाल में कितना और कैसा विकास हुआ है, यदि यह देखना है तो कटनी में आना चाहिए। इस पूरे क्षेत्र को सरकार ने समस्याओं की राजधानी बना दिया है। यहां पर नागरिक बिजली सड़क और पानी के लिए परेशान है। जरूर इस बात की है कि कटनी के विकास के लिए सरकार के द्वारा एक समग्र योजना बनाई जाएं कि वर्ष 2003 में जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी थी तो उस समय पर सरकार के द्वारा यह वादा किया गया था कि बिजली कटौती को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। नागरिकों को आने-जाने के लिए अच्छी सड़क उपलब्ध हो सकेगी। हर घर नल और हर नल जल का नारा देते हुए हर नागरिक को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने का भी वादा किया गया था। आज इन वादों को 23 साल बीत चुके हैं लेकिन इस अवधि में भी यह वादे पूरे नहीं हो सके हैं। इस अवसर पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित शुक्ला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा, ग्रामीण महिला कांग्रेस अध्यक्ष माधुरी जैन, युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रांधेलिया, राजा जगवानी सहित अन्य कांग्रेस जन उपस्थित रहे। भोपाल से प्रदेश सचिव फरजाना खान, सतना से प्रदेश सचिव प्रभा जित्तू बागरी, आरती सिंह प्रदेश सचिव हेमलता सिंह प्राची शुक्ला रीवा भी कटनी पहुंची।

उन्होंने कहा कि कटनी को यदि मध्य प्रदेश की समस्याओं की राजधानी कहा जाए तो कोई गलत नहीं होगा। पूरे क्षेत्र की हालत खराब है। जनता हर दिन समस्याओं से दो-दो हाथ करने के लिए मजबूर है। पूरे क्षेत्र में सड़कों की हालत तो इतनी ज्यादा खराब है कि या तो सड़क ही नहीं है और यदि है तो वह गड्डों से भरी हुई है। पूरे कटनी क्षेत्र को भाजपा की सरकार में समस्याओं के सिवाय कुछ नहीं दिया है। मानसून के समय पर यहां पर होने वाला जल जमाव सरकार के कामों की हकीकत को बताता है। यहां पर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की स्थिति भी बहुत ज्यादा खराब है। कटनी की पहचान यहां के चूना उद्योग के कारण होती थी। मध्य प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण यह उद्योग भी संकट में पड़ गया है। इस उद्योग को भी रियायती दर पर कोयला नहीं मिल पाता है, जिसके चलते हुए इस उद्योग को चला पाना संभव नहीं हो पा रहा है। कटनी के विकास के लिए यह आवश्यक है कि राज्य की योजना के क्रियान्वयन में होने वाला सारा खर्च राज्य सरकार के द्वारा उठाया जाए। सरकार द्वारा समग्र विकास की योजना तैयार की जाएं।

कटनी को 2000 करोड़ का अनुदान दें

उन्होंने मांग की है कि कटनी को समस्या से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा 2000 करोड रुपए का अनुदान दिया जाए। इस अनुदान की राशि से कटनी नगर निगम तथा जिला पंचायत के द्वारा सभी सड़कों का नए सिरे से निर्माण किया जाए। इसके साथ ही पानी और सीवरेज की नई लाइन डालने का काम भी किया जाएं।

कटनी जैसे शहरों के लिए अत्याचार है मनरेगा का बंद होना

कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार के द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना कटनी जैसे छोटे और समस्याओं से घिरे शहरों में रोजगार के अवसर पैदा करने का एक जरिया थी। इस योजना के माध्यम से गरीब लोगों को रोजगार मिलता था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा इस योजना को बंद करते हुए इसके स्थान पर एक नई योजना घोषित कर दी गई है। इस नई योजना से ना तो गरीब नागरिकों को रोजगार मिलेगा और ना ही उन लोगों का जीवन यापन अच्छा हो सकेगा।

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