सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ मोतीनगर थाना क्षेत्र के गोला कुआं में गुरुवार रात एक बारात के दौरान हुई हर्ष फायरिंग ने 15 वर्षीय किशोर विवेक बंसल की जान ले ली। किशोर की मौत ने न केवल एक गरीब परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया, बल्कि सागर पुलिस और प्रशासन के ‘हर्ष फायरिंग’ पर लगे प्रतिबंधों के दावों की भी पोल खोल दी है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और बंसल समाज के लोगों ने शुक्रवार को सुबह से ही सागर-भोपाल मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पुलिस ने रात में पकड़े गए मुख्य आरोपियों को ‘लेन-देन’ कर छोड़ दिया है। हालांकि सीएसपी ललित कश्यप ने ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
शहर में बारात के दौरान हर्ष फायरिंग की यह दूसरी बड़ी और दर्दनाक घटना है। इससे पहले कुछ वर्षों पूर्व शहर के एक प्रसिद्ध चिकित्सक द्वारा बारात में किए गए हर्ष फायर के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश पदाधिकारी अभिषेक दुबे की मृत्यु हो गई थी। उस घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। लेकिन बावजूद इसके प्रशासन और आम नागरिकों ने कोई सबक नहीं लिया। अति उत्साह में अवैध हथियारों का प्रदर्शन और फायरिंग आज भी निर्दोषों की जान ले रही है।
विवाद की जड़: एक धुन और अहंकार की भेंट चढ़ा मासूम
घटना के अनुसार, मृतक विवेक बंसल अपने परिवार का इकलौता सहारा था और बैंड में ढोल बजाकर घर का खर्च चलाता था। बारात के दौरान नशे में धुत कुछ युवकों ने विवेक से ‘बरेदी’ (लोक धुन) बजाने की जिद की। विवेक ने जब धुन न आने की बात कही, तो आरोपियों ने विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी मामूली बात पर तैश में आकर एक युवक ने कट्टा निकाला और विवेक के सीने में गोली उतार दी। मौके पर ही किशोर की मौत हो गई, जिससे विवाह की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।
परिजनों का पुलिस पर ‘संगीन’ आरोप
शुक्रवार सुबह से ही मोतीनगर थाने के बाहर और सड़क पर भारी तनाव रहा। मृतक की मां और परिजनों ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में 5 संदिग्धों को पकड़ा था, लेकिन कथित तौर पर रसूख और रुपयों के प्रभाव में उन्हें सुबह होते ही भगा दिया गया। परिजनों ने मांग की कि जब तक मुख्य हत्यारे सलाखों के पीछे नहीं जाते, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घंटों तक भोपाल रोड पर आवागमन बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सीएसपी ने दी सफाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी ललित कश्यप ने ‘यश भारत’ के संभागीय ब्यूरो से विशेष चर्चा में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने परिजनों के आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि “घटना के बाद हिरासत में लिए गए किसी भी संदेही को छोड़ा नहीं गया है। पुलिस बारीकी से पूछताछ कर रही है। घटना के उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और तथ्यों के आधार पर मुख्य दोषी की पहचान की जा रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर संबंधित धाराओं के अंतर्गत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
समझाइश के बाद अंतिम संस्कार
पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिखित आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। प्रशासन की ओर से रेड क्रॉस के माध्यम से 5,000 रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की गई और एससी-एसटी एक्ट के तहत मिलने वाली राशि का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद नरयावली नाका मुक्तिधाम में गमगीन माहौल में विवेक का अंतिम संस्कार किया गया।
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