चाकूबाजों एवं बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड खंगालेगी पुलिस, जेल से रिहा अपराधियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की होगी निगरानी, क्राइम मीटिंग में एसपी ने की अपराधों की समीक्षा

कटनी, यशभारत। चाकूबाजों एवं गुण्डे बदमाशों के विरुद्ध उनके आपराधिक रिकार्ड को ध्यान में रखते हुए जिला बदर, एनएसए जैसी प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जाए। सम्पत्ति संबंधी अपराधों में चोरी गई सम्पत्ति की बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। पूर्व में पकड़े गए एवं जेल से रिहा हुए अपराधियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की सतत निगरानी की जाए। तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग न करने, गलत दिशा में वाहन चलाने तथा यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। यह निर्देश पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने दिए। आगामी दिनों में आयोजित होने वाली आर्मी भर्ती, महाशिवरात्रि, रमजान सहित अन्य पर्वों एवं कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा, यातायात एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ रखने को लेकर बैठक आयोजित की गई। एसपी ने इस दौरान कानून व्यवस्था एवं अपराधों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई। एसपी ने संवेदनशील स्थानों पर पुलिस भ्रमण, ग्राम चौपालों के माध्यम से सजग दृष्टि अभियान के अंतर्गत सीसीटीवी कैमरे लगवाने तथा नियमित रात्रि एवं प्रभात गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में घटित सडक़ दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए पूर्व अवधि की तुलना में वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करते हुए दुर्घटनाओं के कारण, समय, स्थान एवं प्रवृत्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एएसपी डॉ संतोष डेहरिया, समस्त अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा संबंधित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
जेल से रिहा अपराधियों की चेकिंग
पुलिस अधीक्षक ने जमानत निरस्तीकरण, जेल से रिहा अपराधियों की चेकिंग, गुंडा एवं निगरानी बदमाशों पर निगरानी, जनसंवाद एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। चिन्हित गंभीर अपराधों में विवेचना की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए एफआईआर से लेकर विचारण तक फॉलोअप रखने, समय पर गवाहों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा दोषियों को हर हाल में सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में गंभीर अपराधों, महिला संबंधी अपराधों, मर्ग प्रकरण, लंबित शिकायतों के निराकरण, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-समन वारंट तामीली, सीसीटीएनएस फीडिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जन-सुनवाई एवं शिकायत निराकरण
सीएम हेल्पलाइन एवं वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध लंबित विभागीय जांच प्रकरणों का समय.सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने निर्देशित किया कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीडि़त से सौहार्दपूर्ण व्यवहार किया जाए, उसकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही कर राहत प्रदान की जाए।







