असम के मुख्यमंत्री का कांग्रेस सांसद पर गंभीर आरोप
मामले को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा

जनसेवा और विकास ही सरकार की प्राथमिकता राज्यमंत्री कृष्णा गौर भोपाल यश भारत। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को गोविंदपुरा वार्ड क्रमांक 53 में लगभग 83 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनसेवा और क्षेत्र के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने हरिवंश विहार में 35 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी सड़क, ओम नगर में 10 लाख रुपए की नाली निर्माण, शंकराचार्य नगर पार्क में लगभग 7 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल एवं पेवर ब्लॉक कार्य का भूमिपूजन किया। इसके अलावा गणेश पार्क, संत आसाराम नगर में 10 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक निर्माण, सागर रॉयल होम्स में 4 लाख रुपए की लागत से एक्यूप्रेशर थेरेपी टाइल्स तथा दीपक नगर में 8 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। उन्होंने पूर्वासा नगर स्थित संगरीला पार्क में लगभग 9 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य की भी सौगात दी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस अवसर पर श्रीमती मोनिका ठाकुर, श्रीमती शीला पाटीदार, श्री प्रताप वारे, श्री जितेंद्र शुक्ला, श्री रामबाबू पाटीदार, श्री प्रताप सिंह बैंस, श्री किशोर पटेल, श्री धर्मेंद्र पाटीदार, श्री ओमप्रकाश चौरसिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे
April 2, 2026
असम, यश भारत असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ के खिलाफ पाकिस्तान से संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एलिजाबेथ के पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख से करीबी संबंध हैं और वह भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एक पाकिस्तानी नागरिक को रिपोर्ट करती हैं।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसी कारण असम सरकार ने इसे “राष्ट्रीय गंभीरता का विषय” मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे मामले की गहन और निष्पक्ष जांच हो सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार के पास इस संबंध में कुछ इनपुट और सूचनाएं हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के साथ साझा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर सियासी बयानबाजी भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।