
बारामती विमान हादसा: कम दृश्यता में लैंडिंग फैसला और तकनीकी खामी जांच के घेरे में
मुंबई, यश भारत । बारामती हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे को लेकर प्रारंभिक जांच में अहम संकेत सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार इस त्रासदी के पीछे दो प्रमुख कारणों की आशंका जताई जा रही है, कम दृश्यता के बावजूद लैंडिंग का निर्णय और विमान में संभावित तकनीकी खराबी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और ब्लैक बॉक्स डेटा के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना के समय रनवे पर दृश्यता बेहद कम थी, इसके बावजूद विमान ने लैंडिंग का प्रयास किया। जांचकर्ताओं का मानना है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में लिया गया यह निर्णय प्रारंभिक आकलन में एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में उभरा है। इसके साथ ही, जांच के दौरान किसी तकनीकी सिस्टम में खराबी की आशंका भी सामने आई है, जिससे लैंडिंग के दौरान विमान के प्रदर्शन पर असर पड़ा हो सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि विमान के ब्लैक बॉक्स से डेटा रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी आवश्यक उड़ान आंकड़ों का विश्लेषण पूरा होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी। जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक बॉक्स से मिलने वाला डेटा इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए लीयरजेट-45 विमान का ब्लैक बॉक्स घटना के एक दिन बाद बरामद कर लिया गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) बारामती की टेबलटॉप हवाई पट्टी पर विमान के दूसरे लैंडिंग प्रयास के दौरान हुए इस हादसे की गहन जांच कर रहा है। जांच पूरी होने तक अधिकारियों ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज करने की बात कही है।







