
हवाई मार्गों पर एकाधिकार की जांच तेज, किराया बढ़ोतरी पर सरकार सख्त
जबलपुर,यशभारत। नागर विमानन मंत्रालय ने हवाई मार्गों पर एकाधिकार और बढ़ते हवाई किरायों के असर को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने बताया कि भारतीय विमानन क्षेत्र पूरी तरह विनियमित है और एयरलाइंस को बाजार स्थितियों के अनुसार किराया तय करने की छूट है, लेकिन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार ने प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए उड़ान योजना, बेड़े में विमानों की संख्या बढ़ाने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार जैसे कदम उठाए हैं, ताकि अधिक एयरलाइंस विभिन्न मार्गों पर परिचालन कर सकें। एकाधिकार या प्रभुत्वशाली स्थिति के दुरुपयोग को रोकने की जिम्मेदारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को सौंपी गई है।
हाल ही में CCI ने डीजीसीए से एयरलाइनों की संख्या, मार्गों की जानकारी, बाजार हिस्सेदारी और औसत हवाई किरायों से जुड़ा डेटा मांगा था, जिसे 13 जनवरी 2026 को उपलब्ध कराया गया। इससे हवाई किराया वृद्धि और प्रतिस्पर्धा की स्थिति का गहन आकलन किया जाएगा।







