सीरियल किलर के साथी की अवैध पिस्टल ने ली मासूम की जान: खेल-खेल में चली गोली या खुदकुशी?

सीरियल किलर के साथी की अवैध पिस्टल ने ली मासूम की जान: खेल-खेल में चली गोली या खुदकुशी?
भोपाल, यशभारत। राजधानी के जेपी नगर में तीसरी कक्षा के छात्र इब्राहिम (11) की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस पिस्टल से मासूम को गोली लगी, वह उसके फूफा वाहिद नूर की थी, जिसका नाता देश के सबसे खूंखार सीरियल किलर्स में से एक आदेश खामरा से रहा है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह महज एक हादसा है या 9 साल के बच्चे ने आत्मघाती कदम उठाया।
सफाई में मिली मौत, बालकनी में चली गोली
पुलिस की प्राथमिक जांच और पिता रिजवान के बयानों के अनुसार, शुक्रवार को घर में सफाई के दौरान इब्राहिम के हाथ वह अवैध पिस्टल लग गई थी। इब्राहिम के फूफा वाहिद नूर करीब एक महीने पहले रिजवान के घर रुके थे और जाते समय अपनी कंट्री मेड पिस्टल वहीं छोड़ गए। परिजनों का दावा है कि उन्हें हथियार की मौजूदगी का पता नहीं था। देर रात करीब 1:50 बजे जब बालकनी से गोली चलने की आवाज आई, तो परिजन दौड़े। वहां इब्राहिम लहूलुहान हालत में मिला।
सुसाइड का एंगल, परिजन हैरान
एसीपी राकेश सिंह बघेल के मुताबिक, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने शुरुआती राय में इसे सुसाइड बताया है, क्योंकि गोली बच्चे की कनपटी पर बिल्कुल सटाकर मारी गई है। हालांकि, पुलिस इस बात पर हैरान है कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक चंचल बच्चे के मन में सुसाइड जैसा विचार क्यों आएगा? परिजनों ने भी किसी तरह की डांट या तनाव की बात से साफ इनकार किया है।
कौन है वाहिद नूर?
इस पूरी घटना का सबसे काला पहलू वाहिद नूर का आपराधिक इतिहास है। साल 2019 में जब मंडीदीप के सीरियल किलर आदेश खामरा ने दर्जनों ट्रक ड्राइवरों की हत्या की बात कबूली थी, तब वाहिद नूर का नाम सुर्खियों में आया था। आरोप था कि आदेश द्वारा लूटे गए ट्रकों का लोहा वाहिद नूर के जरिए ही फैक्ट्रियों में खपाया जाता था। अब उसी कुख्यात शख्स की अवैध पिस्टल ने उसके अपने ही रिश्तेदार के मासूम बच्चे की जान ले ली। शनिवार रात नमाज-ए-ईशा के बाद मासूम इब्राहिम को छोला विश्राम घाट स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता सदमे में हैं।







