
जबलपुर। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अन्वेष श्रीवास्तव की धर्मपत्नी डॉ. दृष्टि सिंह श्रीवास्तव ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और गहन शोध के बल पर एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने “Judicial Independence in India: Facts, Problems and Solutions” विषय पर पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की है।
डॉ. दृष्टि सिंह श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश शासन के महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह एवं समाजसेविका माला सिंह की पुत्री हैं। साथ ही वे अजीत श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त पी.सी.सी.एफ.-आई.एफ.एस.) एवं छवि श्रीवास्तव की बहू हैं।

उन्होंने यह उपाधि अपने शोध-कार्य को पंडित मोतीलाल नेहरू लॉ कॉलेज के प्राचार्य एवं शोध-निर्देशक रजत कुमार सत्पथी के कुशल मार्गदर्शन में पूर्ण की। यह शोध महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से सम्पन्न हुआ।
उनका शोध भारतीय न्यायपालिका की स्वतंत्रता, उससे जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों और संभावित समाधानों पर केंद्रित है, जो न केवल अकादमिक जगत बल्कि न्यायिक और सामाजिक विमर्श के लिए भी अत्यंत उपयोगी माना जा रहा है।
डॉ. दृष्टि सिंह श्रीवास्तव की यह सफलता उनके परिवार के साथ-साथ शैक्षणिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उन्हें चारों ओर से बधाइयां और शुभकामनाएं मिल रही हैं।






