भोपालमध्य प्रदेश

राजधानी में चार थाना क्षेत्रों में चार लोगों ने लगाई फांसी

राजधानी में चार थाना क्षेत्रों में चार लोगों ने लगाई फांसी

कहीं दांपत्य विवाद तो कहीं मानसिक तनाव पड़ा जिंदगी पर भारी, एक मामले में सुसाइड नोट बरामद

भोपाल, यशभारत। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पिछले 24 घंटों के भीतर चार लोगों ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। आत्महत्या की इन घटनाओं ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। मरने वालों में एक नवविवाहिता और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा छात्र भी शामिल है। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

1. गोविंदपुरा: सुसाइड नोट में पति और ससुराल पक्ष पर आरोप
सुदामा नगर में रहने वाली 30 वर्षीय धनकेश्वरी ने बीती रात बाथरूम में फांसी लगा ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतका ने अपनी मौत के लिए पति और ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है। बताया गया है कि साल 2020 में पति के चेन्नई जाने के बाद वह कभी वापस नहीं लौटा, जिससे धनकेश्वरी मानसिक तनाव में थी। उसका एक छोटा बच्चा भी है।

2. छोला मंदिर: शादी के 9 महीने बाद ही उजड़ा संसार
छोला मंदिर थाना क्षेत्र के शिव नगर में 20 वर्षीय दीपा प्रजापति ने फंदे पर लटककर जान दे दी। दीपा की शादी महज 9 महीने पहले हुई थी। घटना के वक्त दीपा ने चालाकी से अपने देवर को मंदिर भेज दिया और घर में अकेली होने पर यह आत्मघाती कदम उठाया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दीपा का मायके जाने और अलग रहने को लेकर पति से विवाद चल रहा था।

3. ऐशबाग: छात्र ने तब दी जान जब पत्नी खाना लेने गई थी
ऐशबाग स्थित शालीमार अपार्टमेंट में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय धर्मवीर सिंह ने आत्महत्या कर ली। घटना रात 11 बजे की है, जब उसकी पत्नी दीक्षा (निजी कॉलेज में स्पोर्ट्स टीचर) बाहर खाना लेने गई थी। वापस लौटने पर जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस की मदद से गेट तोड़ा गया, जहां धर्मवीर फंदे पर लटका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

4. अवधपुरी: ससुराल से लौटते ही युवक ने खुद को खत्म किया
अमरावद खुर्द निवासी 22 वर्षीय अशोक अहिरवार ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। अशोक पेशे से श्रमिक था। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी कुछ समय से मायके में थी। अशोक हाल ही में उससे मिलकर लौटा था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि विवाद की असल वजह सामने आ सके।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सभी चार मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। गोविंदपुरा मामले में सुसाइड नोट के आधार पर हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। अन्य मामलों में परिजनों के बयान और मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि आत्महत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

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