भोपाल में बाहरी लोगों पर पुलिस का पहरा: किरायेदार, छात्र और मजदूरों का डेटा देना अनिवार्य

भोपाल में बाहरी लोगों पर पुलिस का पहरा: किरायेदार, छात्र और मजदूरों का डेटा देना अनिवार्य
भोपाल, यशभारत। राजधानी में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की मौजूदगी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए शहर के सभी मकान मालिकों, हॉस्टल संचालकों और ठेकेदारों को सात दिनों के भीतर अपने यहां रहने या काम करने वाले बाहरी व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं। जानकारी छिपाने या लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सात से पंद्रह दिन की समय सीमा तय नए आदेश के मुताबिक, यदि कोई मकान मालिक अपना मकान किराए पर देता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर किरायेदार या पेइंग गेस्ट की जानकारी संबंधित थाने या पुलिस सिटिजन पोर्टल पर देनी होगी। जो किरायेदार या नौकर पहले से रह रहे हैं, उनका विवरण 15 दिनों के भीतर निर्धारित प्रारूप में जमा करना अनिवार्य है। इसके बाद पुलिस शहर भर में विशेष सर्चिंग अभियान चलाएगी और डेटा का मिलान करेगी।
इन पर भी लागू होंगे नियम:
हॉस्टल एवं पीजी: संचालकों को छात्र-छात्राओं का पूरा विवरण देना होगा।
ठेकेदार व बिल्डर: निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और कारीगरों की जानकारी अनिवार्य।
होटल व लॉज: ठहरने वाले मुसाफिरों का व्यक्तिगत विवरण रजिस्टर के साथ पुलिस को भी भेजना होगा।
स्पा व ब्यूटी पार्लर: कर्मचारियों का आईडी प्रूफ और विवरण थाने में जमा करना होगा।
निजी सुरक्षा: निजी तौर पर रखे गए गार्डों की जानकारी भी साझा करनी होगी।
वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए अब मकान मालिक की अनुमति जरूरी फर्जी पतों पर वाहन खरीदने वालों पर लगाम कसने के लिए आरटीओ ने भी नियम बदल दिए हैं। अब किराए पर रहने वाले व्यक्ति तभी नया वाहन रजिस्टर्ड करा पाएंगे, जब वे मकान मालिक का शपथ-पत्र प्रस्तुत करेंगे। बिना इस दस्तावेज के परिवहन विभाग रजिस्ट्रेशन की फाइल स्वीकार नहीं करेगा।
इनका कहना है…
अपराधी पहचान बदलकर शहर में छिप सकते हैं, इसलिए डेटा संग्रह जरूरी है। अभियान के दौरान यदि कोई संदिग्ध पाया गया और उसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी गई होगी, तो संबंधित मकान मालिक या संचालक के खिलाफ भी शिकंजा कसा जाएगा।
पुलिस कमिश्नर, भोपाल हरिनारायण चारी मिश्र
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सुरों की महफिल और रैंप पर वॉक: आईपीएस समागम का भव्य समापन
डीजीपी कैलाश मकवाना ने गाए फिल्मी गीत, फैशन शो में पुलिस परिवारों ने बिखेरा जलवा
भोपाल,यशभारत। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी समागम का शनिवार देर रात रंगारंग समापन हो गया। पुलिस ऑफिसर्स मेस में आयोजित इस समापन समारोह में खाकी का एक अलग ही मानवीय और रचनात्मक चेहरा देखने को मिला। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस परिवार शामिल हुए।
बच्चों की प्रस्तुतियों से हुई शाम की शुरुआत
समागम के दूसरे और अंतिम दिन की शाम पुलिस परिवार के बच्चों के नाम रही। बच्चों ने शास्त्रीय और आधुनिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। नन्हे कलाकारों के हुनर को देखते हुए डीजीपी मकवाना ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गायिका प्रतिभा सिंह के गीतों पर थिरके परिजन
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अगले चरण में मशहूर गायिका प्रतिभा सिंह बघेल ने मंच संभाला। उन्होंने एक के बाद एक कई सदाबहार फिल्मी गीत पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुरीली धुनों का जादू ऐसा चला कि पुलिस परिवार की महिलाएं खुद को थिरकने से नहीं रोक पाईं। कार्यक्रम का सबसे यादगार पल तब आया जब स्वयं डीजीपी मकवाना ने मंच से अपनी आवाज में फिल्मी गीत गाकर समां बांध दिया।
खास रहा फैमिली फैशन शो
समापन समारोह का मुख्य आकर्षण फैमिली फैशन शो’ रहा। इसमें आईपीएस अधिकारियों ने अपने जीवनसाथी और बच्चों के साथ रैंप वॉक किया। पारंपरिक और आधुनिक वेशभूषा में सजे पुलिस अधिकारियों और उनके परिजनों के इस आत्मविश्वास भरे अंदाज ने खूब तालियां बटोरीं।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस यादगार शाम में मुख्य रूप से प्रमुख सचिव अनुराग जैन, पीसीसीएफ एवं हफ वी.एन. अंबडे सहित पुलिस महकमे के कई आला अधिकारी और उनके परिजन मौजूद थे। फैशन शो के साथ ही दो दिनों से चल रहे इस मेल-मिलाप के उत्सव का औपचारिक समापन हुआ।







