यश भारत (स्पेशल डेस्क)/ इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण हुई भयावह त्रासदी के पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात करने आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुँचे।
भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से अब तक 24 निर्दोष नागरिकों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है तथा कई लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। इस दर्दनाक घटना को लेकर आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले इंदौर के बॉम्बे अस्पताल पहुँचकर दूषित पानी से बीमार हुए नागरिकों से मुलाक़ात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
इसके पश्चात राहुल गांधी ने भागीरथपुरा पहुँचकर जल-प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित शोकाकुल परिवारों से मुलाक़ात की। अपने प्रियजनों को खो चुके परिवारों के साथ खड़े होकर उन्होंने उनका दर्द सुना, उनके दुःख में सहभागी बने और यह भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जाएगा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।
इस अवसर पर राहुल गांधी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
इस दौरान मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश सह-प्रभारी संजय दत्त, श्रीमती उषा नायडू, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य कमलेश्वर पटेल, केंद्रीय चुनाव समिति सदस्य ओमकार मरकाम, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, AICC सचिव सत्यनारायण पटेल, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह, विधायक महेश परमार, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अर्चना जायसवाल, इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे एवं इंदौर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*मीडिया से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि*
“इंदौर में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है और यह सरकार के तथाकथित ‘अर्बन मॉडल’ की सच्चाई है। इंदौर को स्मार्ट सिटी का वादा किया गया था, लेकिन यह स्मार्ट सिटी का ऐसा मॉडल बन गया है जहाँ पीने का पानी तक सुरक्षित नहीं है और आवाज़ उठाने वालों को धमकाया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि “यह समस्या सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश और देश के कई शहरों में यही स्थिति है। भाजपा सरकार साफ पानी और साफ हवा जैसी बुनियादी जिम्मेदारियों को निभाने में पूरी तरह विफल रही है। इस त्रासदी के लिए किसी न किसी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए।”
राहुल गांधी जी ने कहा कि “आज भी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। निवासी सिर्फ वही मांग कर रहे हैं जो सरकार का कर्तव्य है—स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल। नेता प्रतिपक्ष के रूप में जनता के मुद्दे उठाना मेरी जिम्मेदारी है, आप इसे राजनीति कहें या जो भी आपको उचित लगे।”