इंदौर भागीरथपुरा डायरिया मामला: शासन ने हाईकोर्ट में पेश की स्टेटस रिपोर्ट, स्थिति बताई अंडर कंट्रोल
शासन ने चार मौतों को ही माना

जबलपुर,यशभारत। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी के कारण फैले डायरिया से स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब तक क्षेत्र में 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 201 मरीज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 32 मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया है। इन हालातों के बीच शासन ने इंदौर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिकाओं पर अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में शासन ने दावा किया है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह अंडर कंट्रोल है। नए मरीजों की संख्या में कमी आई है और स्वास्थ्य, नगर निगम एवं प्रशासन सहित सभी विभाग आपसी तालमेल से कार्य कर रहे हैं।
शासन ने चार मौतों को ही माना
हाईकोर्ट में प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में शासन ने डायरिया से केवल चार मौतों को ही आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है। रिपोर्ट के अनुसार उर्मिला, ताटा, नंदलाल और हीरालाल की मौत डायरिया के कारण मानी गई है। अन्य मौतों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अब तक कुल 294 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे, जिनमें से 93 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 201 मरीजों का इलाज अभी जारी है।
मीडिया कंट्रोल की मांग वाली याचिका
मामले में एक इंटरविनट याचिका भी दायर की गई है, जिसमें मीडिया रिपोर्टिंग को नियंत्रित करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी निर्धारित की है।







