सतना।जिला अस्पताल में खून की अवैध दलाली का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने गुरुवार को पुलिस की टीम के साथ मिलकर स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें खून की दलाली कर रहे तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी साढ़े चार हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड उपलब्ध कराने को तैयार थे।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में जिला अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित 5 बच्चों को एचआईवी पॉजिटिव रक्त चढ़ाए जाने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में फैली अव्यवस्थाओं और अवैध गतिविधियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार दोपहर करीब एक बजे एसडीएम राहुल सिलाडिया जिला अस्पताल स्थित पुलिस चौकी पहुंचे। यहां सिटी कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी टीम खून की दलाली करने वालों को पकड़ने के लिए फूलप्रूफ प्लान तैयार किया गया।
योजना के तहत एक डमी खरीदार तैयार किया गया। एसडीएम ने कैमरे के सामने 4500 रुपए गिने, जिनमें 500 के 7 नोट, 200 के 4 नोट और 100 के 2 नोट शामिल थे। इन सभी नोटों के सीरियल नंबर कैमरे में कैद किए गए। इसके बाद ये रुपए डमी खरीदार को देकर उसे जिला अस्पताल के सामने मौजूद चाय, पान और फल विक्रेताओं के पास भेजा गया। पुलिस को दूर से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
डमी खरीदार जब अस्पताल के सामने पहुंचा तो एक पान विक्रेता ने उसे सामने फल के ठेले वाले के पास भेज दिया। फल विक्रेता ने 4500 रुपए में ब्लड उपलब्ध कराने की बात कही और डोनर के आने का भरोसा दिया। बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए डमी खरीदार की जेब में कैमरा भी रखा गया था।
कुछ ही देर में पहले आरोपी को पकड़ लिया गया। उसकी तलाशी लेने पर वही नोट बरामद हुए, जिनके सीरियल नंबर पहले से रिकॉर्ड किए गए थे। आरोपी ने अपना नाम रजनीश पिता शुभकरण साहू निवासी जैतवारा बताया।
इसके बाद एसडीएम खुद मौके पर पहुंचे। डमी खरीदार से पूछताछ के आधार पर दूसरे आरोपी मोहम्मद कैफ को भी मौके से गिरफ्तार किया गया। इसी दौरान एक मरीज के परिजन ने जानकारी दी कि अस्पताल के भीतर भी एक व्यक्ति ब्लड की दलाली कर रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अस्पताल के अंदर से अनिल गुप्ता नाम के व्यक्ति को भी पकड़कर थाने ले गई।
एसडीएम राहुल सिलाडिया ने बताया कि पिछले कई दिनों से मरीजों और उनके परिजनों की ओर से शिकायत मिल रही थी कि जिला अस्पताल के आसपास कुछ लोग खून की अवैध दलाली कर रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह स्टिंग ऑपरेशन किया गया, जिसमें तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी लंबे समय से जिला अस्पताल परिसर और आसपास सक्रिय थे और जरूरतमंद मरीजों व उनके परिजनों से अवैध रूप से पैसे वसूलकर ब्लड दिलाने का धंधा कर रहे थे। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि इस पूरे रैकेट के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो नहीं है और क्या इसका संबंध अस्पताल के भीतर या ब्लड बैंक से जुड़े किसी कर्मचारी से है।
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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