खमरिया बस हादसा: 108 एम्बुलेंस स्टाफ को निजी अस्पताल ले जाने के आरोप में किया गया टर्मिनेट
सरकारी निर्देशों का उल्लंघन का मामला

जबलपुर,यशभारत। खमरिया में रविवार को हुए बस हादसे के बाद घायलों को जिस सरकारी 108 एम्बुलेंस से सहायता मिली, वह निजी अस्पताल ले जाने के आरोप में बर्खास्त कर दी गई है। यह कार्रवाई ठेका कंपनी द्वारा की गई है, जिसके बाद एम्बुलेंस के चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अधारताल पंकज मिश्रा द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि रांझी अस्पताल से एक सरकारी 108 एम्बुलेंस को मेडिकल कॉलेज या किसी अन्य सरकारी अस्पताल भेजने के बजाय घायलों को गजकेसरी अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। जिसमे एक मरीज़ की मौत हो गई थी एम्बुलेंस का यह निर्णय नियमों के खिलाफ था, क्योंकि सरकारी नीति के तहत घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही भेजने का निर्देश है।
क्या था पूरा मामला
यह घटना उस समय हुई जब खमरिया में एक बस हादसा हुआ, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद तत्काल एम्बुलेंस सेवा की आवश्यकता थी, लेकिन 108 एम्बुलेंस द्वारा घायलों को निजी गजकेसरी अस्पताल में भेजा गया, जो सरकारी निर्देशों का उल्लंघन था।
कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम पॉलिसी के खिलाफ था, और इसके चलते एम्बुलेंस के पायलट याकूब खान और ईएमटी जितेंद्र चक्रवर्ती को सेवा से हटा दिया गया है। दोनों कर्मचारियों ने 108 एम्बुलेंस सेवा में लंबे समय से काम किया था, और उनके खिलाफ यह कार्रवाई किसी विशेष गलती की वजह से नहीं, बल्कि नियमों का पालन न करने के कारण की गई है।
एसडीएम पंकज मिश्रा का बयान
“यह मामला हमारी जांच में सामने आया है कि घायलों को निजी अस्पताल भेजा गया था, जोकि नियमों के खिलाफ है। हम इस पर कार्यवाही कर रहे हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।”








