पहाड़ों की बर्फबारी से बढ़ी ठंडक, कोल्ड वेव अलर्ट जारी

पहाड़ों की बर्फबारी से बढ़ी ठंडक, कोल्ड वेव अलर्ट जारी
भोपाल यशभारत। उत्तर भारत में जारी बर्फबारी से मप्र में भी ठंडक बढ़ गई है। सुबह और रात का पारा तेजी से नीचे गिरा है तो वहीं दोपहर में भी लोगां को ठंड का अहसास हो रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी से आने वाली बर्फीली हवाओं ने प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। नवंबर की शुरुआत में ही तापमान तेजी से गिरने लगा है और कई शहरों में सर्दी ने दिसंबर जैसी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, छिंदवाड़ा, सागर, रायसेन, मंडला, राजगढ़, शहडोल, सीधी और रीवा सहित 14 जिलों के लिए कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। सुबह और शाम के समय हवा में नमी और ठंडी बयार के कारण गलन बढ़ गई है। कई इलाकों में लोग दिन में भी गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में धूप कमजोर रही, तो दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है।
शहडोल और राजगढ़ सबसे ठंडे शहर
सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के 11 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। शहडोल जिले के कल्याणपुर में सबसे कम 7.2 डिग्री और राजगढ़ में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री और ग्वालियर में 10.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से आई बर्फीली हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश पर पड़ रहा है। ठंडी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से होकर प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह और देर शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को फसलों को ओस और पाले से बचाने के उपाय करने को कहा गया है। प्रदेश में मौसम का यह बदलाव फिलहाल जारी रहने की संभावना है। यदि बर्फीली हवाओं का असर ऐसे ही बना रहा, तो आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में सर्दी का असर और गहरा सकता है।







