भोपालमध्य प्रदेश

राजधानीका एम्स चौराहा बना जाम का जंजाल

राजधानीका एम्स चौराहा बना जाम का जंजाल, 
– चारों तरफ वाहनों का दबाव, पार्किंग की कमी 
– ट्रैफिक पुलिस रहती है नदारद  
यश भारत भोपाल। राजधानी भोपाल में यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। एम्स चौराहा जो शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, अब जाम का पर्याय बन गया है। सुबह ऑफिस टाइम और शाम के पीक समय में यहां चारों दिशाओं से वाहनों की इतनी भीड़ उमड़ती है कि कुछ ही मिनटों में लंबा जाम लग जाता है। हालत यह है कि अस्पताल के आसपास मरीजों की एंबुलेंस तक फंस जाती हैं और लोग घंटों तक ट्रैफिक में जूझते रहते हैं।

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चारों दिशाओं से बढ़ा दबाव 
एम्स चौराहे पर 10 नंबर मार्केट, चूना भट्टी, हबीबगंज, चार इमली और न्यू मार्केट की ओर से आने वाला ट्रैफिक एक साथ टकराता है। दिनभर यहां हजारों दोपहिया, चारपहिया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन गुजरते हैं। चौराहे का आकार छोटा होने और सिग्नल टाइमिंग सही से संचालित न होने के कारण वाहनों की कतारें लग जाती हैं। कई बार लोग सिग्नल तोड़ते हुए निकलने की कोशिश करते हैं, जिससे जाम और अव्यवस्था बढ़ जाती है।
पार्किंग की जगह नहीं, सडक़ पर कब्जा
एम्स और आसपास के अस्पतालों, क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर्स में रोजाना हजारों लोग आते हैं, लेकिन पार्किंग व्यवस्था लगभग नगण्य है। अस्पताल परिसर की पार्किंग भर जाने पर लोग सडक़ किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। चारों तरफ खड़ी गाडय़िां सडक़ की चौड़ाई घटा देती हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई बार एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता। मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति ने बढ़ाई मुश्किलें  
स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि यातायात पुलिस का अमला अधिकांश समय नदारद रहता है। कभी-कभी जब जाम लग जाता है, तब एक-दो जवान मौके पर पहुंचते हैं, लेकिन वे भी भारी ट्रैफिक संभालने में असमर्थ रहते हैं। बिना किसी स्थायी समाधान के, यह स्थिति हर दिन दोहराई जा रही है।
शहर के अन्य चौराहों पर भी यही हाल
एम्स चौराहा ही नहीं, बल्कि 11 नंबर, बोर्ड ऑफिस, रवींद्रनाथ टैगोर मार्ग, न्यू मार्केट और बिट्टन मार्केट जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी यही स्थिति है। शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सडक़ें और ट्रैफिक प्रबंधन उसी अनुपात में विकसित नहीं हो पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि एम्स चौराहे पर फ्लाईओवर या अंडरपास का निर्माण अब अनिवार्य हो गया है। साथ ही, आसपास के अस्पतालों और बाजारों के लिए सुनियोजित पार्किंग जोन बनाए जाने चाहिए। सिग्नल टाइमिंग को ट्रैफिक के प्रवाह के अनुसार ऑटोमैटिक मोड में समायोजित करना होगा। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की है कि इस क्षेत्र में नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए और सडक़ किनारे पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई हो।
यातायात अमले को एम्स चौराहे पर तैनात करने के लिए निर्देशित किया गया है, लोगों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसे ध्यान में रखते हुए व्यवस्था बनाई जा रही है ।
– जितेंद्र सिंह पवार, पुलिस उपायुक्त, यातायात भोपाल

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