अपने ही कर्मचारियों की कारगुजारियों से शर्मसार पुलिस महकमा
पुलिस मुख्यालय की मेडिकल शाखा में 15 लाख डकार गए तैनात कर्मचारी

अपने ही कर्मचारियों की कारगुजारियों से शर्मसार पुलिस महकमा
– पुलिस मुख्यालय की मेडिकल शाखा में 15 लाख डकार गए तैनात कर्मचारी
– जहांगीराबाद टीआई जिला अभियोजन अधिकारी से लेंगे अभिमत
आशीष दीक्षित, भोपाल। देशभक्ति जनसेवा का सूत्रवाक्य आत्मसात करने वाला पुलिस महकमा अपने ही अधिकारियों व कर्मचारियों की कारगुजारियों से शर्मसार हो रहा है। सिवनी जिले में हवाला के तीन करोड़ डकारने का मामले अभी शांत भी नहीं था कि पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की मेडिकल शाला में 15 लाख का घोटाला उजागर हो गया। ठगी में एएसआई, सूबेदार समेत प्रधानआरक्षक संलिप्तता सामने आई है। मामले का खुलासा होने के बाद मुख्यालय के आला अधिकारियों ने भी चुप्पी साध ली है। मामले को लेकर जहांगीराबाद पुलिस थाने में तीनों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। मामले का खास पहलु यह भी है कि केस दर्ज होने के बाद भी ऑफिस पहुंचे और काम करते रहे। फर्जी तरीके से लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में एएसआई हर्ष वानखेड़े, सूबेदार नीरज कुमार और प्रधानआरक्षक राजपाल ठाकुर शामिल हैं।
जिला अभियोजन अधिकारी से लिया जा रहा अभिमत
मामले की प्रारंभिक जांच जहांगीराबाद थाने के टीआई सीबी राठौर को दी गई है। अब जो तथ्य सामने आए हैं उसे लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस मामले को लेकर जिला अभियोजन अधिकारी से भी अभिमत लिया जा रहा है। टीआई राठौर के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा 2023 से जुलाई 2025 के बीच फर्जी बिल पास कर सरकारी राशि अपने निजी खातों में ट्रांसफर कराई।
पीटीआरआई शाखा के कर्मचारियों के बयान दर्ज
जहांगीराबाद थाने में पीटीआर
जांच के दौरान पीटीआरआई शाखा के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। आरक्षक संतोष कुमार ने बताया कि आरोपी अगस्त 2023 से मार्च 2024 के बीच कई फर्जी देयक बनाकर भुगतान कराते थे। 4 अगस्त से 14 अगस्त 2023 के बीच 5 लाख 7 हजार रुपए और मार्च 2024 तक 24 देयकों के माध्यम से 4 लाख 78 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर कराई गई। कर्मचारियों के पर्सनल अकाउंट और यूपीआई नंबर हासिल करने के बाद रकम को निजी खाते में ट्रांसफर किया जाता था। फरवरी 2025 में फर्जीवाड़े की शिकायत पीटीआरआई के कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी।
खातों को खोजने में जुटी पुलिस
पीएचक्यू की मेडिकल शाखा में हुई गड़बड़ी की तह तक पहुंचने के लिए जांच अधिकारी अब उन खातों को खोजने में जुटे हैं जिनमें राशि डाली गई है।
सिस्टम की खामियां उजागर हुई
मेडिकल शाखा में हुए घोटाले ने पुलिस मुख्यालय के सिस्टम की खामियों को उजागर किया है। जिस शाखा में सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मेडिकल फंड का रिकॉर्ड रखा जाता है, वही सिस्टम का दुरुपयोग कर अधिकारी खुद लाभ उठाते रहे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस ठगी के पीछे कोई और नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
जांच की जा रही है
मामले को लेकर जांच की जा रही है, जो तथ्य सामने आए हैं उनका आंकलन किया जा रहा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जा रही है।
– चतुर्भुज राठौर, टीआई, जहांगीराबाद







