ओरछा में बन रहा दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
239 करोड़ से अधिक लागत से हो रहे विकास कार्य, 332 करोड़ की सौगात

ओरछा में बन रहा दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
239 करोड़ से अधिक लागत से हो रहे विकास कार्य, 332 करोड़ की सौगात
भोपाल/ओरछा,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रीराम का नाम ही काफी है यथा नाम तथा गुण। भगवान श्रीराम अपने आचरण, पितृभक्ति और मर्यादा के कारण ही मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। ओरछावासियों का सौभाग्य है कि प्रभु श्रीराम ने अपने दरबार के लिए ओरछा को चुना। मुख्यमंत्री बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन एवं अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 125 करोड़ रुपए की लागत वाले दूसरे चरण के कार्यों का भूमिपूजन किया और 130 करोड़ रुपए के पहले चरण के कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कुल 332.85 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात निवाड़ी जिले को दी।
डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और ओरछा का 500 वर्षों से पवित्र रिश्ता है। महारानी कुंवरि गणेश जी भगवान श्रीराम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं। उन्होंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अपना दिन ओरछा में बिताते हैं और केवल शयन के लिए अयोध्या जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीराम राजा लोक के पहले चरण में लगभग 5.50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानें एवं प्लाज़ा लोकार्पित किए जा चुके हैं, जिससे देशी-विदेशी पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ओरछा में कुल 239 करोड़ रुपए से अधिक लागत के सात बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जो श्रीराम राजा सरकार को समर्पित हैं।
मुख्यमंत्री ने निवाड़ी को नगर पालिका परिषद का दर्जा देने की घोषणा की और कहा कि ओरछा को एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा। साथ ही, नेंदुआ में नए अस्पताल और क्षेत्रीय सड़कों के निर्माण की भी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें ओरछा और चित्रकूट प्रमुख हैं। चित्रकूट में भी 2200 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा पृथ्वीपुर में 3200 करोड़ रुपए की लागत से 300 हेक्टेयर में इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना की जा रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यूनेस्को की हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप (HUL) पहल के तहत ओरछा को चुना गया है और केंद्र सरकार ने वर्ष 2027-28 में इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित करने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रद्धालु जब महाकाल दर्शन के बाद लौटेंगे, तो ओरछा की भव्यता देखने भी अवश्य आएंगे। ओरछा अब धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास का केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम में मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, विधायक अनिल जैन, पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल यादव, श्रीमती निरंजना जैन, जिला अध्यक्ष राजेश पटेरिया सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मौके पर आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और महिलाओं को प्रोत्साहित किया।







