त्योहार संपन्न, लेकिन नवरात्र-दशहरे के दौरान बारिश, मौतें और अव्यवस्थाएं रहीं चर्चा में
हादसों ने त्योहार की खुशियों को किया ग़मगीन

जबलपुर, यश भारत। इस वर्ष का नवरात्र और दशहरा जबलपुर शहर में सिर्फ धार्मिक उल्लास ही नहीं, बल्कि भारी बारिश, कई दर्दनाक हादसों और जल संकट के लिए भी याद रखा जाएगा। भले ही नवरात्री और दशहरा संपन्न हो चुका हो लेकिन इस पर्व दौरान कई अव्यवस्थाएं भी सामने आई।जहां एक ओर शहर में लगातार हुई बारिश ने दुर्गा समितियों और श्रद्धालुओं की तैयारियों पर पानी फेर दिया, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग हादसों में दो बच्चों सहित छै लोगों की जान चली गई। इन सबके बीच नगर निगम की अव्यवस्थाओं ने लोगों को और ज्यादा परेशान किया।
22 सितंबर से शुरू हुए नवरात्र के प्रथम दिन से लेकर 2 अक्टूबर (दशहरा) तक कुल 101.4 मिमी (लगभग 4 इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असर 1 और 2 अक्टूबर की रात हुई 66.6 मिमी बारिश ने डाला, जिससे कई स्थानों पर पानी भराव और कार्यक्रमों में अवरोध उत्पन्न हुआ.22, 23, 24 और 30 सितंबर: बारिश नहीं हुई.25 से 29 सितंबर: हल्की बारिश (0.2 मिमी से 7.6 मिमी तक 1 अक्टूबर: सुबह तक बारिश नहीं, रात में भारी वर्षा (66.6 मिमी 2 अक्टूबर तक कुल वर्षा 101.4 मिमी पर पहुंच गई। जो 4 इंच से थोड़ा ज्यादा है.3-4 अक्टूबर को अतिरिक्त 21 मिमी बारिश भी दर्ज की गई मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर माह में सामान्यतः 30 मिमी बारिश होती है। जबकि अभी तक ही 21 मिली मीटर वर्षा हो चुकी है।
हादसों ने त्योहार की खुशियों को किया ग़मगीन
नवरात्रि के दौरान शहर में हुए हादसों ने माहौल को गमगीन कर दिया। उत्सव की तैयारियों में लगे लोग, हादसों का शिकार हो गए। इसी तरह हादसों के कारण भी अनेक स्थानों पर उल्लास मातम में बदल गया।दुर्गा पंडाल में करंट लगने से दो युवक घायल, जिनमें से एक की मौत।बरगी क्षेत्र में करंट से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत।सिहोरा में एक बस भीड़ में घुस गई, जिसमे दो लोगो की मौत हो गई।जबकि गढ़ा क्षेत्र में मंच गिरने की घटना, जिसमें एक महिला की जान चली गई। कुल मृतक संख्या: छै , जिनमें दो बच्चे शामिल इन हादसों ने त्योहार की रौनक को मातम में बदल दिया।
जल संकट और सफाई व्यवस्था ने बढ़ाई परेशानी
एक ओर बारिश ने मुसीबत बढ़ाई, वहीं नगर निगम की व्यवस्थाएं भी चरमराई हुई नजर आईं।पाइपलाइन में खराबी के कारण त्योहारों के बीच पानी की सप्लाई बाधित रही।कई वार्डों में लोग पानी के लिए परेशान होते रहे।दूसरी ओर, सफाई व्यवस्था भी लचर रही, जिससे गलियों में गंदगी और दुर्गंध फैली रही। इन समस्याओं से नागरिकों में भारी असंतोष देखा गया, कई स्थानों पर शिकायतें भी दर्ज कराई गईं।







