माथे पर तिलक और कलाई में कलावा होने पर ही मिलेगा धार्मिक आयोजनों में प्रवेश

माथे पर तिलक और कलाई में कलावा होने पर ही मिलेगा धार्मिक आयोजनों में प्रवेश
-हिंदू संगठनों ने आयोजन स्थानों पर लगाए पोस्टर, लिखा जिहादियों का आना सख्त मना है
भोपाल, यशभारत। राजधानी में नवरात्रि के प्रारंभ होते ही जगह-जगह धार्मिक आयोजनों की शुरूआती हो गई है। ऐसे में अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति के गरबा पंडाल के बाहर लगाए गए होर्डिंग से माहौल गरमा गया है। हिंदू संगठनों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों पर लिखा है ‘जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी’।
जानकारी के मुताबिक नवरात्रि के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। ऐसे में हिन्दू संगठनों ने इन आयोजनों में लोगों के प्रवेश के लिए नियम बनाए हैं। इन नियमों का पालन करने पर ही आयोजनों में प्रवेश मिलेगा।
क्या हैं नियम-
धार्मिक अयोजनों में प्रवेश करने के लिए माथे पर तिलक, हाथों में कलावा के अलावा संबंधित व्यक्ति को आधार कार्ड की जांच करानी होगी। वहीं गंगाजल-गोमूत्र का आचमन के साथ ही वराह देवता व मां दुर्गा की तस्वीर को नमन करना होगा। श्री कृष्ण सेवा समिति के अध्यक्ष गोपाल तोमर ने बताया कि जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं, मां-बहनों का सम्मान करते हैं, देवी-देवताओं को मानते हैं, उनका स्वागत है। परंपराओं का अपमान करने वालों को रोकने के लिए यह नियम बनाए गए हैं। ऐसा नहीं होने पर अगर कोई पकड़ा जाता है तो आपको हम सनातन वापस लाएंगे और नहीं आते हैं तो आप ने यह देखा है जूते चप्पल लठ सबसे उनका स्वागत किया जाएगा।
पंडाल के बाहर पोस्टर-
होर्डिंग में जूते-चप्पल और लाठी की तस्वीरें भी छपी हैं, जिन्हें देखकर आसपास के लोग अपने-अपने तरह से प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही वहां मौजूद कुछ युवकों ने विवादित और अपमानजनक नारे भी लगाए, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।






