एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उड़ रहे बैंक खाते, साइबर ठगों का नया हथकंडा
जबलपुर में लगातार बढ़ रहे मामले, पुलिस ने दी चेतावनी

एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उड़ रहे बैंक खाते, साइबर ठगों का नया हथकंडा
जबलपुर में लगातार बढ़ रहे मामले, पुलिस ने दी चेतावनी
जबलपुर। साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब वे एपीके फाइल डाउनलोड कराने के बहाने लोगों के मोबाइल में वायरस डाल रहे हैं। इससे खाताधारकों की बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई पिन और निजी जानकारी चुराई जा रही है और चुटकियों में बैंक खाते खाली हो रहे हैं। शहर में लगातार ऐसे मामले दर्ज हो रहे हैं।
कैसे हो रहा फ्रॉड
ठग अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों से एपीके फाइल डाउनलोड कराते हैं। इसके जरिए मोबाइल पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ जाता है
गैस कनेक्शन के नाम पर नकली ऐप डाउनलोड कराया जाता है।
ऑनलाइन कार रेंटल और बुकिंग ऐप से एडवांस पेमेंट ठगा जाता है।
ई-सिम एक्टिवेशन के बहाने पहचान और मोबाइल नंबर हैक किए जाते हैं।
हॉस्पिटल अपॉइंटमेंट ऐप से डाटा चोरी और पेमेंट फ्रॉड किया जा रहा है।
बैंकिंग सर्विस ऐप से नेट बैंकिंग और यूपीआई की जानकारी हासिल की जा रही है।
शादी का निमंत्रण भेजकर मोबाइल हैक किया जा रहा है।
फर्जी चालान ऐप्स से भुगतान के नाम पर खाते से रकम उड़ाई जा रही है।
पुलिस की एडवाइजरी
राज्य साइबर जबलपुर जोन के टीआई नीलेश अहिरवार ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि—
अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या ईमेल से भेजी गई एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें।
ऐप सिर्फ गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही इंस्टॉल करें।
किसी भी सेवा के लिए सीधे ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करें।
मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा चालू रखें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें या साइबर थाने से संपर्क करें।
जबलपुर में दो बड़े मामले
केस 1 : प्रियंका झारिया, रांझी
27 अगस्त को डॉक्टर का नंबर गूगल पर सर्च करने के बाद प्रियंका ने एपीके फाइल डाउनलोड की। मोबाइल स्क्रीन लॉक हो गई और खाते से 2 लाख रुपये निकल गए।
केस 2 : निशा तामिया, चंडालभाटा
30 अगस्त को शॉपिंग ऐप का हेल्पलाइन सर्च करने पर एपीके फाइल डाउनलोड की। “जंग डेस्क” इंस्टॉल होते ही खाते से 78,280 रुपये पार हो गए।







