भोपाल

युवती की मौत का मामला: जिंदाल अस्पताल प्रबंधन और सर्जन समेत अन्य पर एफआईआर दर्ज -जांच समिति ने ऑपरेशन और इलाज में पाई लापरवाही

युवती की मौत का मामला: जिंदाल अस्पताल प्रबंधन और सर्जन समेत अन्य पर एफआईआर दर्ज
-जांच समिति ने ऑपरेशन और इलाज में पाई लापरवाही
भोपाल, यशभारत।
अयोध्या नगर इलाके में स्थित जिंदाल अस्पताल में चार माह पहले पैर की गांठ के ऑपरेशन के बाद हुई एक युवती के मौत के मामले मेंं पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन, ऑपरेशन करने वाले सर्जन, ड्यूटी डॉक्टर और स्टाप नर्स के खिलाफ लापरवाही से मौत होने का केस दर्ज किया है। आरोपियों ने युवती के इलाज में न सिर्फ गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना, बल्कि उसकी सही तरीके से देखरेख भी नहीं की थी। इस मामले में पुलिस को अस्पताल में लगा एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है, जिसमें युवती दर्द से तड़पनी हुई नजर आ रही है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को नोटिस जारी करेगी।
एसआई सुदील देशमुख ने बताया कि विकास नगर कॉलोनी निवासी शालू यादव पुत्री हरिराम यादव(25) की गत 2 मई को अयोध्या नगर स्थित जिंदाल अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले मेंं मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, ऑपरेशन करने वाले सर्जन और ड्यूटी डॉक्टर समेत स्टाप नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया था, इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतका के इलाज से संबंधित सभी जांच रिपोर्ट व दवाओं के पर्च समेत अन्य दस्तावेज को जिला चिकित्सालय जय प्रकाश अस्पताल भेजे थे। जहां पर मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। इस समिति के वरिष्ठ डॉक्टरों ने मृतका के इलाज के सभी पर्चों, जांच रिपोर्ट का अध्यन किया था, जिसमें जिंदाल अस्पताल में युवती के ऑपरेशन से लेकर उसके इलाज में प्रबंधन, सर्जन, ड्यूटी डॉक्टर और नर्स की लापरवाही उजागर हुई थी। समिति द्वारा आगे की कार्रवाई के लिए चांच रिपोर्ट अयोध्या नगर थाना पुलिस को भेजी गई। इसके बाद पुलिस ने कल जिंदाल अस्पताल के प्रबंधन/पार्टनर अमर जैन, भाव सिंह राजपूत, सब्बर अहमद, संजय सक्सेना, ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉक्टर सुभम उपाध्याय, ड्यूटी डॉक्टर और नर्स के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस जांच रिपोर्ट में पता चला है कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया के कारण युवती बेसुध थी और उसे वार्ड में भर्ती कराया गया। लेकिन वहां पर न तो नर्स मौजूद थी और न ही सर्जन ने ऑपरेशन के बाद ड्यूटी डॉक्टरों को उसे किसी तरह दवाईयां देना है, इस बात का जिक्र इलाज के पर्चों में नहीं किया है।
सीसीटीवी वीडियो में तड़पती दिखी थी युवती-
जिंदाल अस्पताल के जिस वार्ड में ऑपरेशन के बाद शालू यादव को भर्ती कराया गया था। वहां पर उसकी देखरेख के लिए कोई ड्यूटी डॉक्टर अथवा नर्स मौजूद नहीं थे। वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने में पता चला है कि ऑपरेशन के बाद बेसुध हालत में भर्ती युवती पलंग पर तड़प रहीं थी और मदद के लिए पलंग पर हाथ मार रही थी, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं था और वह एनेस्थीसिया के कारण बोलने में असमर्थ थी। ऑपरेशन के चंद घंटों बाद 2 मई की सुबह उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
पैर में हुई गांठ का हुआ था ऑपरेशान-
मृतका शानू यादव के पिता हरिराम यादव ने पुलिस को बताया था कि कुछ माह पहले चोट लगने के कारण शानू के पैर में गांठ पड़ गई थी। इसी गांठ के ऑपरेशन के लिए उसे 1 मई को जिंदाल अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद उनकी बेटी की मौत हो गई थी। शानू प्रावइवे जांच करती थी।

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