भोपाल

पशुपालन विभाग की जमीन का हुआ सीमांकन, मिले कई कब्जे – गोविंदपुरा एसडीएम सौंपेगे कलेक्टर को रिपोर्ट

पशुपालन विभाग की जमीन का हुआ सीमांकन, मिले कई कब्जे
– गोविंदपुरा एसडीएम सौंपेगे कलेक्टर को रिपोर्ट
– मछली परिवार की शासकीय भूमि को लेकर सामने आई सांठगांठ
भोपाल यशभारत। कोकता बाइपास स्थित आनंतपुर में पशुपालन विभाग की जमीन पर सीमांकन कार्य पूरा कर लिया गया है। एसडीएम गोविंदपुरा रवीश श्रीवास्तव की उपस्थिति में अतिक्रमण करने वाले लोगों को चिन्हत किया गया है। शुक्रवार शाम तक रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी जाएगी। प्रशासनिक आदेश के बाद पशुपालन विभाग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी। तीन आरआई और एक दर्जन से अधिक पटवारियों ने तीन दिनों तक सीमांकन कार्य किया था। इस दौरान सामने आया है कि मछली परिवार ने भी बिल्डर व अफसरों से सांठ गांठ कर जमीन की खरीदफरोख्त करते हुए कालोनी काट दी।
पशु पालन विभाग की जमीन के साथ ही आसपास की जगहों पर भी अतिक्रमण किया गया है। खास बात तो यह है कि एनटीपीसी और निगर निगम की ओर से कालोनी के लिए अनुमति दे दी गई है। अनुमति देने वाले अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। सूत्रों की माने तो अनुमति देने के दौरान भी बड़ा खेल हुआ है। प्रशासन ने इस दिशा में भी जांच करानी शुरू कर दी है कि आखिर पशुपालन विभाग की जमीन की खरीद फरोख्त कैसे कर दी गई है।
तीन दिनों तक की गई है जांच
लव जिहाद और ड्रग्स मामले के आरोपी यासीन मछली, शारिक मछली व उसके परिवार का शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पशु पालन विभाग की ओर से 99 एकड़ जमीन पर कब्जा हटाने के लिए प्रशासन को आवेदन दिया गया था। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सीमांकन का जिम्मा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को सौंपा गया था। तीन दिनों तक टीम ने पूरी जमीन का सीमांकन किया है। प्रारंभिक जांच में कई जगहों पर कब्जा मिला है।
प्रशासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
पशुपालन विभाग की जमीन के बड़े हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा करने व खरीदफरोख्त होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताया जा रहा रहा है कि रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली जानकारी का भी उल्लेख किया गया है। जिसके आधार पर प्रशासन अब अगली कार्रवाई करेगा। अब तक मछली परिवार के कई ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध अतिक्रमण हटाए गए हैं।
आला अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में
पशु पालन विभाग की जमीन पर हुए कब्जे को लेकर विभाग के ही कुछ आला अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि प्रशासन की ओर से पशु पालन विभाग को जमीन दे दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों पर जमीन पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
गोकुल मिशन के तहत बनना है रिसर्च सेंटर
प्राप्त जानकारी के अनुसार पशुपालन विभाग की जिस जगह पर कब्जा किया गया है वहां पर गोकुल मिशन के तहत 65 एकड़ जमीन पर रिसर्च सेंटर और एक चारागाह बननना है। इसलिए पहले से आवंटित भूमि पर सीमांकन किया गया है।
रिपोर्ट तैयार की जा रही है
पशुपालन विभाग की जमीन को लेकर सीमांकन कार्य शुक्रवार को पूरा कर लिया गया है। प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है।
– रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, गोविंदपुरा

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